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मार्च से ई इनवाइस से जुड़ेगा ई-वे बिल, नहीं लिंक करवाया तो रुक जाएंगे ये काम

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इंदौर। मार्च के पहले दिन से ही ई-इनवाइस और ई-वे बिल को लेकर नियमों की सख्ती और बढ़ने जा रही है। अब बिना ई-इनवाइस के माल परिवहन के लिए ई-वे बिल जनरेट नहीं हो सकेगा। नेशनल इन्फार्मेटिक सेंटर (एनआइए) ने शुक्रवार शाम इस बारे में नोटिस जारी कर दिया। नए निर्देश के साथ ही खासतौर पर व्यापार से व्यापार और निर्यातक को होने वाले माल की आपूर्ति पर ई-इनवाइस की बाध्यता पूरी तरह लागू होती दिख रही है।

अनिवार्य रूप से ई-इनवाइस जारी करने का नियम

पांच करोड़ व अधिक वार्षिक टर्नओवर वाले कारोबारियों पर लागू है। कर सलाहकार आरएस गोयल के अनुसार एनआइए के ताजा अपडेट के अनुसार ई-वे बिल को तभी जनरेट किया जा सकेगा जबकि उसमें ई-इनवाइस की सभी एंट्री की गई हो। ई-इनवाइस पूरी तरह से ई-वे बिल से जुडा हुआ है। यदि कोई व्यवसायी अपने ई-इनवाइस में ही ट्रांसपोर्टर की डिटेल लिखकर बिल जारी करेगा तो उसके साथ उसका स्वमेव ही ई-वे बिल जनरेट हो जाता है। खास बात है कि ट्रांजेक्शन के लिए इनवाइस में ट्रांसपोर्टर की डिटेल नहीं डालते हैं तो ऐसी स्थिति में वह पोर्टल पर जाकर ट्रांसपोर्ट की डिटेल अपडेट कर सकते हैं।

अब तक यूं तो ज्यादातर व्यवसायी ई-इनवाइस के साथ ही ई-वे बिल जनरेट कर रहे हैं किंतु कुछ व्यवसायी बीटूबी (व्यापारी से व्यापारी) तथा बीटूई (व्यवसायी से एक्सपोर्टर) संव्यवहारों के लिए पृथक से जानकारी डालकर ई-वे बिल जनरेट कर रहे थे। ऐसे में हो यह रहा था कि शासन के पास उपलब्ध आंकड़ों में मिसमैच आ रहा था। ऐसे में गड़बड़ी होने की आशंका थी। इससे पार पाने के लिए शासन ने अब एक मार्च से नया नियम लागू करने की घोषणा कर दी है। हालांकि ऐसे व्यापारी जो सीधे उपभोक्ता (बीटूसी) और गैर सप्लाई श्रेणी के है उन पर पहले वाला सिस्टम ही लागू रहेगा।

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