Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की तारीखें घोषित: 17 फरवरी से 12वीं और 24 फरवरी से 10वीं के एग्ज... जबलपुर रेल मंडल का टिकट चेकिंग दस्ता फुल एक्शन मोड में, 4 महीने में वसूला 28 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्मा... लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: जानकीपुरम में पत्नी ने लोहे के तवे से वार कर ली पति की जान, 5 साल से चल रह... महाराष्ट्र की आश्रमशालाओं में 2 साल के भीतर 584 छात्रों की मौत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे... भारी विरोध के बाद झुकी बार काउंसिल ऑफ इंडिया: NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक का आदेश BCI ने लिया... अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 15 अगस्त से लागू होगा नया ड्रेस कोड, एकरूप वेशभूषा में दिखेंगे पु... राजस्थान कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, UCC और 'ट्री राजस्थान प्रोटेक्शन एक्ट' को मिली हरी झंडी लखनऊ के रहीमाबाद में रिश्तों और इंसानियत का कत्ल, जमीन के लालच में मृत पिता के शव का सादे कागज पर लग... कुर्ला लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हुई, GSI की 8 साल पुरानी चेतावनी आई सामने अंबाला कैंट NH-44 पर भारी बवाल: प्रदर्शनकारियों के पथराव में DSP समेत 7 पुलिसकर्मी घायल, लाठीचार्ज औ...

22 जनवरी को इसलिए हो रही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, एक साथ बन रहे कई शुभ संयोग

58

इंदौर। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी इन दिनों जोरों पर हैं और देशभर में इसको लेकर उत्साह का माहौल है। देश में हर रामभक्त इन दिनों 22 जनवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। 22 जनवरी का दिन हिंदू पंचांग के हिसाब के बेहद खास है क्योंकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ-साथ कई शुभ संयोग निर्मित हो रहे हैं।

अभिजीत मुहूर्त में हुआ था प्रभु राम का जन्म

पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक, प्रभु श्री राम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में ही हुआ था। 22 जनवरी 2024 को सोमवार के दिन मृगशीर्ष नक्षत्र में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.11 बजे से शुरू होकर 12.54 बजे तक रहेगा। इस कारण इस मुहूर्त को रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ माना गया है। इस शुभ मुहूर्त में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करने से प्रभु श्री राम सदैव मूर्ति में विराजमान रहेंगे।

 

प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त

सनातन धर्म में कोई भी कार्य शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी 2024 पौष माह के द्वादशी तिथि को चुना गया है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग जैसे शुभ योग भी निर्मित हो रहे हैं। साथ ही इस दौरान मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, जो काफी शुभ माना जाता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.