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शिवराज सिंह चौहान बोले- राजतिलक होते-होते वनवास हो जाना भी कोई बड़ा उद्देश्य होगा

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सीहोर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को अपने विधानसभा क्षेत्र बुदनी के शाहगंज पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। यहां पर भी लाड़ली बहनों का प्रेम अपने ‘भैया’ के प्रति खुलकर नजर आया। अनेक महिलाएं शिवराज से लिपटकर रो पड़ीं। इससे शिवराज भी भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वह अपनी भांजी-भांजों और बहनों को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। यहां पर लोगों को संबोधित करते वक्त शिवराज का मुख्यमंत्री न बनाए जाने को लेकर दर्द छलक उठा और उन्होंने कहा कि कभी-कभी राजतिलक होते-होते वनवास भी हो जाता है। हालांकि इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य होगा।

मंगलवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के शाहगंज पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। लेकिन कभी अपने आप को ‘टाइगर अभी जिंदा है’ कहने वाले शिवराज सिंह चौहान कुछ निराश नजर आए। उन्होंने लोगों के बीच पहुंचकर कहा कि मुख्यमंत्री जैसे पद तो आ-जा सकते है, लेकिन मामा और भाई का पद कभी कोई नही छीन सकता है। उन्होंने कहा कि राजतिलक होते होते वनवास हो जाना भी कोई बड़ा उद्देश्य होगा। ये कहकर शिवराज ने अपने अंतर्मन की पीड़ा को भी उजाकर किया। साथ ही शिवराज सिंह ने लाड़ली बहनों और भांजी-भाजों से यह कहते हुए कि मामा आपके बीच ही रहेगा और कहीं नहीं जाएगा, एक तरह से केंद्र को भी स्पष्ट संदेश दे दिया।

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