Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
केरल के कोच्चि में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी, मुख्य चुना... आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने पैर में मारी गोली झारखंड के खूंटी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा— तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़े लोगों को कुचल, 10... महाराष्ट्र के जलगांव में एसीबी का बड़ा एक्शन— 10 हजार की घूस लेते पकड़ा गया अधिकारी, घर और लॉकर से न... देश के मौसम का हाल, उत्तर भारत में बढ़ी ठंड और दक्षिण के इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भिंड में कमरे का फर्श धंसने से पलंग समेत 16 फीट गहरे गड्ढे में समाई महिला, सिंधिया रियासत के दौर से ... दिल्ली में दिवाली से पहले ही हवा हुई बेहद जहरीली, कई इलाकों में एक्यूआई 450 के पार— गंभीर श्रेणी में... या एसी, टीवी या फ्रिज खरीदते समय क्या एक्सटेंडेड वारंटी लेना सच में फायदेमंद है? जानिए इसके फायदे और... मुंबई के कांदिवली में बुजुर्ग महिला के साथ लूट, परिचित बनकर आया बदमाश गले से सोने की चेन छीनकर फरार उत्तरकाशी के केदारताल एवलांच में जान गंवाने वाली लखनऊ की दो सगी बहनों की दर्दनाक दास्तान, अंतिम सांस...

मटर आयात खोलने से किसान परेशान, दामों में 2500 रुपये तक की गिरावट

53

इंदौर। आम चुनाव से पहले केंद्र सरकार सभी खाद्यान्नों की महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ताबड़तोड़ कदम उठा रही है। सस्ती दालें बेचने से लेकर आयात पर शुल्क हटाने तक के निर्णय बीते दिनों में ले लिए गए हैं।

मटर आयात शुरू करने का निर्णय भी सात दिसंबर को लेते हुए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके खिलाफ अब किसान लामबंद हो गए हैं। मटर आयात खोलने के विरोध में सबसे पहले बुंदेलखंड से विरोध शुरू हुआ है।

मप्र-उप्र के बुंदेलखंड क्षेत्र में मटर की पैदावार बहुतायत में होती है। बीते साल मटर के दाम 5000-6000 रुपये क्विंटल के आसपास मिले थे। इसके किसान खुश थे और इस वर्ष अच्छी मात्रा में मटर बोया गया है। मटर की नई फसल जनव-फरवरी से आना शुरू हो जाएगी।

ऐन सीजन में सरकार द्वारा मटर का आयात खोले जाने के निर्णय पर किसान और व्यापारी सवाल उठा रहे हैं। बुंदेलखंड दाल मिलर्स एसोसिएशन ने मटर आयात खोलने का विरोध किया है। मामले में मिलर्स की ओर से सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखे गए हैं।

 

एसोसिएशन के अनुसार मटर आयात खोलने से किसान और व्यापारी दोनों बर्बाद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। बुंदेलखंड दाल मिलर्स एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि 7 दिसंबर को सरकार ने आयात खोलने का नोटिफिकेशन जारी किया।

रूस, कनाडा,यूक्रेन से जो जहाज आते हैं उन्हें भारत के बंदरगाह तक पहुंचने में 45 से 50 दिन लगते हैं। हैरानी है कि 7 दिसंबर के निर्णय के बाद 20 दिसंबर यानी सिर्फ 13 दिनों में दो लाख क्विंटल मटर से लदा जहाज मुंबई बंदरगाह पहुंच गया। इससे इस पूरी प्रक्रिया में घोटाले व किसी खास को लाभ देने का संदेह पैदा हो रहा है।

आधे हो गए दाम

मिलर्स के अनुसार 10 दिसंबर तक ही मटर के दामों में ढाई हजार प्रति क्विंटल तक की गिरावट हो चुकी है।आयात निर्णय के पहले मटर 7 हजार से 7500 रुपये क्विंटल बिक रहा था। अब आयात खुलने से नई फसल सिर्फ 3000 से 3500 रुपये क्विंटल बिकेगी।जबकि किसानों ने 7500 से 8000 रुपये क्विंटल बीज पर ही खर्च किए हैं। इससे किसान-व्यापारी हतोत्साहित होंगे। ऐसे में मटर आयात पर सरकार से फिर से प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.