Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

6 से 10 रुपये लीटर सस्ते हो सकते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम, मोदी सरकार दे सकती है बड़ा तोहफा!

51

 मोदी सरकार आने वाले दिनों में आम आदमी को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल दोनों पर कीमतों में 10 रुपये तक की कटौती हो सकती है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार कीमतें कम करने के लिए तेल कंपनियों से बातचीत कर रही है। मई 2022 से पेट्रोल, डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पहले तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 17 रुपये और डीजल पर 35 रुपये का घाटा हो रहा था, लेकिन कच्चा तेल सस्ता होने के बाद तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 8-10 रुपये और डीजल पर 3-4 रुपये का मुनाफा हो रहा है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः ₹96.71 और ₹89.62 हैं, जबकि मुंबई और बेंगलुरु जैसे कई प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें 100 रुपए से ऊपर हैं।

इस वजह से सस्ते होंगे तेल

भारत भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई प्रमुख मेट्रो शहरों में 110 के पार पहुंच गई थीं, जिसका प्रमुख कारण कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव था, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले भारत में तेल की कीमतों में गिरावट के लिए मोदी सरकार को श्रेय दिया। उन्होंने बताया कि जहां उत्तरी अमेरिकी देशों में पेट्रोल की कीमतें 70-80 प्रतिशत बढ़ीं, वहीं भारत में दरों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें इस समय 70 से 80 डॉलर प्रति बैरल की कीमत पर कारोबार कर रही हैं, यही वजह है कि ईंधन की कीमतों में कटौती के पक्ष में प्रधान मंत्री कार्यालय को एक प्रस्ताव भेजा गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण, भारत में तीन बड़ी सरकारी तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्प (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प (एचपीसीएल) ने बड़ा मुनाफा कमाया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.