Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DM Bomb Threat: 'चैम्बर में लगाए 5 RDX, होगा धमाका', DM को मिली धमकी से हड़कंप Jabalpur News: फीस न भरने पर छात्रा को बोर्ड परीक्षा से रोका, स्कूल के बाहर जमकर हंगामा Crime News: सहेली ने दिया धोखा! लाखों ठगने के बाद गंदे काम में धकेला, ऐसे खुली पोल Vijay Mallya Return: कब होगी माल्या की वतन वापसी? वकील ने बॉम्बे HC में कहा- 'तारीख तय नहीं' Bathinda Clash: किसान नेताओं की रिहाई पर पंजाब में बवाल, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले Himachal Crime: 'बेरोजगार, ऊपर से बीवी की कमाई...', ताने से भड़के पति ने पत्नी का गला रेता, फिर की ख... Supreme Court on Disability Pension: 'रोज 10 बीड़ी पीने से आया स्ट्रोक', पूर्व सैनिक की याचिका खारिज Punjabi Wedding Viral Video: क्या शादी में सच में उड़ाए 8 करोड़? जानिए नोटों की बारिश का सच Delhi Crime: 'पापा मुझे बचा लो...', बेटे की गुहार सुनकर दौड़े पिता को हमलावरों ने मारी गोली, मौत Shivpal Yadav on Brajesh Pathak: चोटी विवाद पर शिवपाल का डिप्टी सीएम पर वार, बोले- पाप तो आपको भी लग...

फर्जी दस्तावेजों से लिया पौने आठ करोड़ का लोन, बैंक मैनेजर सहित नौ को कारावास

23

इंदौर। फर्जी दस्तावेजों के जरिए कागज पर कंपनियां बनाकर बैंक को पौने आठ करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में विशेष न्यायालय ने बैंक के मुख्य प्रबंधक सहित नौ आरोपितों को पांच-पांच वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

फर्जी दस्तावेजों से लोन

मामला वर्ष 2011 का है। घोटाले के मास्टर माइंड का नाम इंदौर निवासी मोहन यादव है। उसने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर अलग-अलग कंपनियां बनाईं और ओबीसी बैंक के मुख्य प्रबंधक नरेश कुमार के साथ मिलकर अपने परिवार के सदस्य संदीप यादव, कैलाश यादव, दीपक यादव, मनमोहन यादव, राकेश चौधरी, अनिल पटेल और रजनी यादव के नाम से बैंक से करीब पौने आठ करोड़ रुपये का ऋण हासिल कर लिया। बैंक प्रबंधक ने दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी होने के बावजूद ऋण की स्वीकृति दी।

सीबीआइ ने दर्ज किए थे आठ प्रकरण

मामला सामने आने के बाद सीबीआइ ने आठ प्रकरण आरोपितों के विरुद्ध दर्ज किए थे। सभी की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सुधीर मिश्रा के समक्ष चल रही थी। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने सीबीआइ और सभी आरोपितों की ओर से तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसे बुधवार को जारी किया गया। विशेष न्यायालय ने प्रकरण में मोहन यादव, बैंक के मुख्य प्रबंधक नरेश कुमार, संदीप यादव, कैलाश यादव, दीपक यादव, मनमोहन यादव, राकेश चौधरी, अनिल पटेल को पांच-पांच वर्ष और रजनी यादव को तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.