Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नेपाल के रसुआ में भीषण बाढ़ की त्रासदी: बिहार के चनपटिया के 3 मजदूर लापता, 4 साथी सुरक्षित लौटे मालदा में TMC ग्राम पंचायत प्रधान चेमानी बीबी पर बांग्लादेशी होने का आरोप: फर्जी दस्तावेजों से चुनाव... मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे का फिर आमरण अनशन: अंतरवाली सराटी में जुटे हजारों लोग, 58 लाख कुनबी रिकॉर... ग्रेटर नोएडा के हल्दोनी में दिल दहलाने वाली वारदात: 6 वर्षीय मासूम की गला दबाकर हत्या, CCTV से खुला ... 'मच्छर मारने के लिए तलवार न चलाएं': बॉम्बे हाई कोर्ट ने FDA को लगाई कड़ी फटकार, MCA के 5 रेस्टोरेंट्... मुंबई में ₹9 प्रति लीटर महंगा होगा दूध: 1 सितंबर से ₹102 थोक भाव, खुदरा में ₹107 तक पहुंच सकती हैं क... बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले VHP के सुझावों पर विवाद: पारंपरिक धार्मिक स्वरूप बनाए रखने पर जोर मुंबई में गैर-मराठियों के मराठी सीखने पर बोले छगन भुजबल; कुंभ मेला घोटाले पर सख्त, NCP विलय की खबरों... ममता बनर्जी पर कोलकाता पुलिस ने दर्ज की FIR: TMCP रैली में हाई कोर्ट के नियमों के उल्लंघन का आरोप, ह... दिल्ली में जलभराव पर LG संधू का सख्त एक्शन: 139 हॉटस्पॉट पर उतरेगा PWD, इंजीनियर-इन-चीफ से लेकर SE त...

चीनी हैकर्स ने दो मैसेजिंग ऐप का बनाया क्लोन, चुरा रहे डेटा

49

नई दिल्ली। मोबाइल पर मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। चीनी हैकर्स ने पापुलर मोबाइल मैसेजिंग ऐप सिग्नल और टेलीग्राम का क्लोन ऐप बना लिए हैं। इनके नाम देखने में हूबहू असली ऐप जैसे ही लगते हैं, लेकिन असल में ये स्पाइवेयर से इन्फेक्टेड होते हैं जो मोबाइल में डाउनलोड होती है सारी पर्सनल जानकारियां चुरा लेते हैं।

देश के साइबर रिसर्चर ने चीन के ऐसे फर्जी मोबाइल ऐप की पहचान कर ली है। यह असली मोबाइल मैसेजिंग ऐप के क्लोन की तरह काम करते हैं। यहां तक की इनका डिजाइन भी असली ऐप की तरह की होता है, जिससे इसका इस्तेमाल करने वालों को पता भी नहीं चलता कि जिससे वो मैसेज भेज रहा है वो फर्जी ऐप है।

मोबाइल से चुरा रहे सारी पर्सनल जानकारी

चीनी हैकर्स द्वारा बनाए गए बैडबाजार ऐप में स्पाइवेयर है, यह सिग्नल और टेलीग्राम की हूबहू नकल है। यह ऐप मोबाइल से पर्सनल जानकारी चुराकर हैकर्स तक पहुंचा देते हैं। साइबर सिक्युरिटी रिसर्चर ने बताया कि ऐप का लोगो भी बिल्कुल ओरिजनल मैसेजिंग ऐप की तरह है।

स्पाइवेयर ऐप इस तरह चुराता है मोबाइल से जानकारी

हैकर्स स्पाइवेयर ऐप का उपयोग मोबाइल का डेटा चुराने के लिए करते हैं। यह ऐप मोबाइल की कान्टैक्ट लिस्ट, गूगल अकाउंट, काल लाग सहित कई पर्सनल जानकारी चुरा लेता है। रिसर्चर की रिपोर्ट के अनुसार स्पायवेयर मोबाइल ऐप के फीचर ने अब तक 13,953 मोबाइल को इन्फेक्टेड किया है। इसके साथ ही ये पिन नंबर हैकर को भेज देता है जिससे मैसेजिंग ऐप का कही से भी एक्सेस मिल सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.