Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 4 घंटे में 120 महिलाओं का बंध्‍याकरण

50

कटनी। कटनी जिले में रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित तौर पर केवल चार घंटों में 128 महिलाओं का बंध्‍याकरण ऑपरेशन किया। मानक के अनुसार एक शिविर में प्रति दिन केवल 30 बंध्‍याकरण ऑपरेशन ही किए जा सकते हैं। बंध्‍याकरण करवाने वाली महिला को एनस्थीसिया बंध्‍याकरण की प्रक्रिया करते हैं। सभी मेडिकल औज़ार साफ़-सुथरे होने चाहिए।

प्रक्रिया में 20 मिनट ही लगते लेकिन संक्रमण का ख़तरा

वर्तमान में दूरबीन से ही बंध्‍याकरण किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में 20 मिनट ही लगते हैं लेकिन संक्रमण का ख़तरा काफ़ी रहता है। बंध्‍याकरण में समय भले ही कम लगता हो, लेकिन ये बेहद मुश्किल प्रक्रिया है। कटनी में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं जिसमें बंध्‍याकरण के बाद कई महिलाओं की मौत हो गई।

लक्ष्य पूरा करने कवायद

स्वास्थ्य अधिकारी ऐसे शिविरों में एक लक्ष्य तय कर लेते हैं और उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को शिविरों तक ले आते हैं । हालांकि उन महिलाओं को इस प्रक्रिया के ख़तरों के बारे में ठीक से अवगत नहीं करवाया जाता, साथ ही बंध्‍याकरण के बाद लेने वाले उपायों के बारे में भी उन्हें नहीं बताया जाता।

पैसे के लालच में महिलाएं शिविरों में चली जाती हैं

बताया जाता हैं कि गांवों में आशा स्वास्थ्य कर्मचारियों को ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को बंध्‍याकरण के लिए राज़ी करवाने के लिए पैसे दिए जाते हैं। पैसे के लालच के चक्कर में ये महिलाएं और स्वास्थ्य कर्मचारी, दोनों बिना पूरी जानकारी हासिल किए इन शिविरों में चली जाती हैं।

कंबल में घंटो पड़ी रहती हैं महिलाएं

शिविरों में लापरवाही बरती जा रही है। बंध्‍याकरण के बाद महिलाएं अस्पताल के बाहर घर से लाए गए कंबल में लिपटकर घंटों तक पड़ी रहीं। इसके वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसे लेकर जिले के समाज सेवी भी स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.