अयोध्या: अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पहले 3 दिन रामभक्तों को अपने आराध्य के दर्शन नहीं हो सकेंगे, लेकिन 23 जनवरी से जब भव्य मंदिर में दर्शन शुरू होंगे तो मौजूदा समय के मुकाबले दुगनी संख्या में श्रद्धालु भव्य मंदिर में दर्शन कर पाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो मौजूदा समय से अधिक पुख्ता सुरक्षा होगी, लेकिन फिजिकल के बजाय अधिक तकनीकी होने के कारण दर्शनार्थियों को इससे कोई परेशानी नहीं होगी।
मकर संक्रांति के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी शुरू हो जाएगी। इस दौरान यज्ञ पूजन और अनुष्ठान के साथ कई वैदिक कार्यक्रम होंगे। रामलला की मूर्ति अस्थाई मंदिर से भव्य मंदिर में ले जाएगी। इसीलिए प्राण प्रतिष्ठा के पहले 20 और 21 जनवरी को श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन नहीं हो सकेंगे। जबकि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रित सदस्य ही भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठित रामलला के दर्शन करेंगे।
दर्शन को लेकर दर्शनार्थियों की संख्या की बात करें तो 23 जनवरी से 1 दिन में डेढ़ से ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन का लाभ पा सकेंगे। दर्शन की अवधि पूर्ण की तरह रहेगी, लेकिन भव्य मंदिर में वर्तमान के दो कतारों के बजाय चार कतारों में श्रद्धालु दर्शन करेंगे जिससे उन्हें दर्शन में सुविधा मिलेगी और पहले से अधिक संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। वर्तमान में श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच और मंदिर की सुरक्षा की बात करें तो 23 जनवरी से इसमें काफी बड़े बदलाव और सुदृढ़ता दिखाई देगी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था इस तरह की होगी कि आम दक्षिणार्थियों को इससे कोई परेशानी ना हो। इसके लिए फिजिकल चेकिंग के बजाय तकनीक और आधुनिक यंत्रों का प्रयोग किया जाएगा।
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