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हर सभा में कंधे पर रखते थे हाथ, मगर इस बार मुख्यमंत्री ने विधायक को मंच पर फटकारा

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श्योपुर। जिले की दोनों विधानसभा सीट भाजपा कैसे हारी, इसकी समीक्षा करने गुरुवार को श्योपुर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भितरघातियों पर खासे नाराज दिखे। लोगों को आश्चर्य तब हुआ, जब भितरघात का आरोप झेल रहे निवर्तमान विजयपुर विधायक सीताराम आदिवासी मुख्यमंत्री को माला पहनाने मंच पर पहुंचे तो सीएम ने न सिर्फ उनसे माला पहनने से इन्कार कर दिया, बल्कि हट यहां से भाग कहकर बुरी तरह फटकार दिया।

सीएम के कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जब वे मंच पर बैठने लगे तो कार्यकर्ताओ ने विरोध करते हुए उन्हें मंच पर बैठने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने भितरघातियों पर खासी नारागी दिखाते हुए चुनाव में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को हर कदम पर सम्मान देने की बात कहते हुए भितरघातियों को देख लेने तक की बात कह डाली।

नेताओं के स्वागत को लेकर हंगामा

नपा के आडिटेरियम भवन में भाजपा के महामंत्री शशांक भूषण नेताओं को मंच पर आमंत्रित कर रहे थे। इस दौरान कुछ नामों को लेकर कार्यकर्ताओ ने हंगामा करते हुए भितरघातियों को मंच पर बैठाने का विरोध कर दिया, जिसमें से विजयपुर के निवर्तमान विधायक सीताराम आदिवासी, विजयपुर नगर परिषद अध्यक्ष कमलेश कुशवाह सहित आधा दर्जन नेता थे। कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद वे मंच पर नहीं चढ़ सके। हद तो तब हो गई, जब मुख्यमंत्री को निवर्तमान विधायक सीताराम आदिवासी माला पहनाने गए तो मुख्यमंत्री ने स्वागत स्वीकारे बिना उन्हें फटकार कर भगा दिया।

मुख्यमंत्री ने सीताराम को हमेशा अपना मित्र बताया था और उन्हे तीन बार पार्टी से विधान सभा का टिकट देकर चुनाव भी लड़ाया। शिवराज और सीताराम की दोस्ती को प्रदेश में सुदामा और भगवान की जोड़ी के रूप में जाना जाता रहा है।

मैं तुम्हारा हूं, तुम्हारे लिए खड़ा हूं

शिवराज ने कहा कि कार्यकर्ता साथियों, मैं हर पल तुम्हारे साथ खड़ा हूं, ये आपको वचन देने आया हूं। ये अजूबा है कि तीन दिन भी नहीं हुए हों रिजल्ट के और जिन सीटों पर जीत नहीं पाए, कोई आया हो। मैं तो तुम्हारा हूं, तुम्हारे लिए खड़ा हूं। आज हम संकल्प करेंगे कि किसी भी हालत में श्योपुर विधानसभा और विजयपुर विधानसभा से मुरैना लोकसभा में इतनी बड़ी लीड देंगे, वोटो से जिताएंगे की दुनिया आश्चर्य करेगी।

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