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Gaya Pitru Paksha Mela 2026: गया में ऑनलाइन पिंडदान और टूरिज्म पैकेज पर विवाद, पंडा समाज ने जताई कड़ी आपत्ति

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बिहार के गया में पितृपक्ष मेला 2026 के शुरू होने से पहले ही धार्मिक कर्मकांड और पर्यटन पैकेज को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बिहार पर्यटन विभाग द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन ई-पिंडदान सुविधा और पिंडदान को टूरिज्म पैकेज का हिस्सा बनाए जाने पर पंडा समाज ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि गयाजी सिर्फ कोई सामान्य पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मोक्ष की पावन नगरी है, जहाँ की सदियों पुरानी परंपराओं से खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए.

📦 2. बिहार पर्यटन विभाग ने तैयार किए हैं विशेष पैकेज, ठहरने, खाने और पूजा-पाठ की दी जा रही है सुविधा

आगामी पितृपक्ष मेले के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग ने एक दिन, एक रात और दो दिन तक के विशेष टूरिज्म पैकेज तैयार किए हैं. इन पैकेजों के तहत पिंडदान, धार्मिक स्थलों के दर्शन, होटल, यात्रा, पूजन सामग्री और पंडा-पुजारी की सेवाएं एक साथ उपलब्ध कराने की योजना है, जिसके साथ ही ऑनलाइन ई-पिंडदान की सुविधा भी प्रस्तावित की गई है.

🚫 3. पंडा समाज का तर्क- भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़ी है गयाजी की मान्यता, ऑनलाइन माध्यम परंपरा के अनुरूप नहीं

पंडा समाज का विरोध है कि सरकार बुनियादी व्यवस्थाएं बेहतर करे, लेकिन धार्मिक अनुष्ठानों को टूरिज्म पैकेज के रूप में बेचना अनुचित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम और माता सीता ने स्वयं फल्गु नदी के तट पर राजा दशरथ का पिंडदान किया था. इस पवित्र और आध्यात्मिक परंपरा को ऑनलाइन माध्यम से पूरा करने के खिलाफ पंडा समाज लामबंद हो गया है, और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मेले से पहले सरकार और पंडा समाज के बीच क्या सहमति बनती है.

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