Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

आखिर क्यों खारा होता है समुद्र का जल, जानिए इससे जुड़ी अद्भुत पौराणिक कथा

37

इंदौर। समुद्र की विशालता हम सभी को बहुत पसंद आती है, लेकिन अक्सर लोगों का यही सवाल रहता है कि आखिर समुद्र का पानी खारा क्यों होता है। दरअसल समुद्र के पानी के खारेपन के पीछे कई कहानियां हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इन्हीं में से एक पौराणिक कथा हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

समुद्र का पानी खारा क्यों होता है?

शिव पुराण के अनुसार एक समय था, जब माता पार्वती ने भगवान शिव को वापस पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उसी दौरान समुद्र देव की नजर माता पार्वती पर पड़ी और वह उन्हें देखकर उन पर मोहित हो गए। माता पार्वती की तपस्या पूरी होने पर उन्होंने विवाह करने की इच्छा व्यक्त की। लेकिन देवी शक्ति ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि मैं भगवान शंकर को अपना स्वामी मान चुकी हूं।

इस बात से समुद्र देव क्रोधित हो गए और माता पार्वती से बोले, ‘आखिर उस शंभू में ऐसा क्या है, जो मुझमें नहीं है? मैं सभी मनुष्यों की प्यास बुझाता हूं। मेरा किरदार दूध सा सफेद है। हे पार्वती! मेरा विवाह प्रस्ताव स्वीकार करें। इस पर माता अत्यंत क्रोधित हो गईं और समुद्र देव को श्राप देते हुए कहा, “जिस मीठे पानी पर तुम्हें इतना घमंड है, वह हमेशा के लिए खारा हो जाएगा, इस पानी को कोई नहीं पी पाएगा।”

ऐसा कहा जाता है कि उस दिन से समुद्र का पानी हमेशा के लिए खारा हो गया। यह भी कहा जाता है कि समुद्र मंथन के प्रभाव से समुद्र का पानी खारा हो गया था।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.