Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका...

वेटरनरी में प्रवेश लेने वाले छात्रों को भरना होगा एक लाख का बांड

31

जबलपुर। प्रदेश के मेडिकल कालेज की यूजी सीटों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बांड भरने के नियम को वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर ने भी लागू कर दिया है। विवि अपने तीन कालेजों जबलपुर, महू और रीवा की यूजी सीट पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से प्रथम वर्ष की फीस जमा करते वक्त एक लाख रुपये का बांड भरवा रहा है। किसी कारणवश विद्यार्थी बीच सत्र में अपना प्रवेश रद कराएंगे तो उन्हें एक लाख रुपये की राशि जमा करवानी होगी। इसके बाद ही उन्हें विवि से स्थानांतरण सहित अन्य प्रमाण पत्र जारी होंगे।

10 प्रतिशत छात्र छोड़ते हैं कालेज

नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय की काउंसलिंग कमेटी ने पहली बार यूजी के विद्यार्थियों को बांड भरने की अनिवार्यता लागू की है। दरअसल पहले सत्र की फीस जमा करने के बाद कई विद्यार्थी अपना एडमिशन रद कराकर कालेज छोड़कर चले जाते हैं और वह सीट साढ़े पांच साल तक खाली रहती है। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या हर साल लगभग 10 प्रतिशत होती है।

वेटरनरी के यूजी कोर्स में प्रवेश लेने वाले अधिकांश विद्यार्थी मेडिकल की तैयारी करने वाले होते हैं। उन्हें जब मेडिकल की यूजी सीट पर प्रवेश नहीं मिलता तो वह दूसरे विकल्प में वेटरनरी के यूजी कोर्स में प्रवेश लेते हैं। इस दौरान वह मेडिकल की तैयारी जारी रखते हैं।

यूजी कोर्स में प्रवेश लेने के बाद कई विद्यार्थी अपना प्रवेश रद कराने के लिए आवेदन करते हैं। नियम के मुताबिक तय समय पर आवेदन रद कर उन्हें फीस वापस की जाती है। अब उन्हें प्रवेश लेते वक्त एक बांड भरवाया जा रहा है, ताकि वे प्रवेश छोड़ने से पहले एक बार सोचें। उन्हें बांड की एक लाख रुपये की राशि जमा करने के बाद ही नो ड्यूज दिया जाएगा। प्रो.एसपी तिवारी, कुलपति।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.