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मांडू में राम महोत्सव दिसंबर में,जनवरी में होगी दंडकवन की यात्रा

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भोपाल। रामायण केंद्र, भोपाल की ओर से मांडू में 15- 17 दिसंबर तक राम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में देश भर के संत, महात्मा, मानस मनीषी, शोधार्थी, साहित्यकार और रंगकर्मी हिस्सा लेंगे। इसमें विश्वप्रसिद्ध चतुर्भुज श्रीराम के अनूठे विग्रह का दर्शन और संत समागम होगा। कुल्लू मनाली के महंत श्रीराममोहन दास रामायणी यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, जबकि चतुर्भुज श्रीराम महामंडलेश्वर नरसिंहदास, कथा मर्मज्ञ आलोक मिश्रा अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 16 दिसंबर को मांडू में आयोजित कार्यक्रम में डा राजेश श्रीवास्तव की नवीन पुस्तक रामायण दर्शनम् और केंद्र की पत्रिका उर्वशी के राम संस्कृति विशेषांक का लोकार्पण और शोधपत्रों का वाचन होगा।

रामायण केंद्र के निदेशक डा राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रा में मांडू के समीपवर्ती धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी किया जाएगा।इसके साथ ही वैश्विक रामायण के अध्येता डा राजेश श्रीवास्तव रामायण केंद्र के अपने सहयोगी मित्रों के साथ जनवरी- 2023 में दंडकवन क्षेत्र की यात्रा पर जा रहे हैं। उनकी आगामी शोधपरक पुस्तक राम का दंडक प्रवास लगभग पूर्णता की ओर है।उन्होंने बताया कि प्रकाशन से पूर्व वे रामवनगमन मार्ग के कुछ भागों का एक बार पुनः अवलोकन एवं सत्यापन करना चाहते हैं। इस बार उनके साथ सात सदस्यीय दल होगा जो अलग-अलग दृष्टिकोण से सर्वेक्षण एवं तथ्यों की पुष्टि करने में सहायक होगा।

चित्रकूट से अमरकंटक तक है रामवनगमन पथ

ज्ञातव्य है कि वर्तमान मध्यप्रदेश में रामवनगमन पथ चित्रकूट से अमरकंटक तक 370 किलोमीटर माना गया है।जिसमें सतना,पन्ना,शहडोल,कटनी, जबलपुर तथा अनूपपुर जिले आते हैं। रीवा सहित कुछ अन्य क्षेत्र के नाम भी इसमें जोड़े जाते रहे हैं।डा राजेश श्रीवास्तव ने अयोध्या शोध संस्थान की परियोजना ग्लोबल इन्साइक्लोपीडिया आफ रामायण के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में इस योजना पर कार्य पूर्व में ही आरंभ कर चुके हैं।रामवनगमन मार्ग के चयनित सौ किलोमीटर मार्ग की सर्वेक्षण यात्रा अतिशीघ्र की जाएगी ।डा श्रीवास्तव ने बताया कि बेसकैंप चित्रकूट एवं शहडोल में रखा जाएगा।

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