Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

त्योहारी मांग बढ़ने से तेल-तिलहन की कीमतें सुधरीं, मूंगफली अपरिवर्तित

70

मुंबई । त्योहारी मांग में तेजी से देश के तेल-तिलहन बाजारों में शनिवार को अधिकांश तेल तिलहनों के थोक दाम में सुधार ‎दिखाई‎ ‎दिया। मूंगफली तेल तिलहन को छोड़कर बाकी तेल तिलहनों के भाव तेजी के साथ बंद हुए। बाजार सूत्रों ने कहा कि अभी त्योहारों के बाद भी धीरे-धीरे आगे मांग और बढ़ने की उम्मीद है। भारत विश्व में खाने के तेल का एक बड़ा आयातक देश है और सितंबर के महीने में आयात कम होने से विदेशों में खाने के तेलों के दाम में भी कुछ ‎गिरावट आई है। सूत्रों ने कहा कि सरसों और मूंगफली की स्थिति अब बाकी तेलों से थोड़ी अलग हो गई है। लेकिन अब यदि देश में बाकी तेल तिलहनों में बिनौला या सोयाबीन का थोड़ा बहुत उत्पादन बढ़ भी जाये तो वह बाजार पर कोई असर नहीं डाल पायेगा और बाजार आयातित तेलों के हिसाब से चलेगा। यानी वर्ष 90-92 के समय की स्थिति में फसल उत्पादन के हिसाब से बाजार में तेल कीमतों में घट बढ़ देखने को मिलती थी जो स्थिति अब पूरी तरह पलट चुकी है। अब बाजार आयातित तेलों के हिसाब से चलेगा।
सूत्रों ने कहा कि कल रात शिकागो एक्सचेंज मजबूत रहा था जिसने तेल कीमतों में सुधार लाने में मदद पहुंचाई। शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे: सरसों तिलहन  5,525-5,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली  7,275-7,325 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)  17,500 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली रिफाइंड तेल 2,570-2,855 रुपए प्रति टिन, सरसों तेल दादरी 10,200 रुपए प्रति क्विंटल, सरसों पक्की घानी 1,735 -1,830 रुपए प्रति टिन। सरसों कच्ची घानी- 1,735 -1,845 रुपए प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी  18,900-21,000 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली 9,500 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर 9,400 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन तेल डीगम, कांडला 7,900 रुपए प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला 7,700 रुपए प्रति क्विंटल, बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) 8,425 रुपए प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,950 रुपए प्रति क्विंटल, पामोलिन एक्स कांडला- 8,050 रुपए (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना – 4,700-4,800 रुपए प्रति क्विंटल, सोयाबीन लूज 4,300-4,500 रुपए प्रति क्विंटल और मक्का खल (सरिस्का) 4,015 रुपए प्रति क्विंटल।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.