Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dewas Crime News: नकली चांदी गिरवी रखकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दबोचा 'सिक्का गैंग' Ratlam Mob Lynching: सांवरिया सेठ से लौट रहे भक्तों को 'बच्चा चोर' समझकर पीटा, 4 की हालत खराब महाशिवरात्रि पर श्री हनुमान बालाजी मंदिर में सनातनी विनोद बिंदल का भक्ति संदेश कार्यक्रम Tiger-Leopard Death Toll: खेतों में बिछे 'मौत के तार', करंट लगने से गई जान, 10 साल के आंकड़ों ने चौं... T20 World Cup Lowest Strike Rate: सबसे धीमी बल्लेबाजी का रिकॉर्ड, लिस्ट में पाकिस्तान के 3 खिलाड़ी Akshay Kumar Viral Video: '1 करोड़ क्या, किडनी भी दे दूंगा...', अक्षय ने RJ महविश से क्यों कही ये बा... Israel-Jordan Tension: फिलिस्तीन के बाद अब जॉर्डन की बारी? इजराइल के रडार पर क्यों है अम्मान, जानें ... 8th Pay Commission Fraud: सरकारी कर्मचारी सावधान! एक क्लिक और खाली हो जाएगा बैंक खाता, जानें नया स्क... What is Data Center: क्या है डाटा सेंटर? जिस पर अडानी-अंबानी लगा रहे अरबों, जानें कमाई का पूरा गणित Ramadan 2026 Moon Sighting: सऊदी अरब में दिखा चांद, जानिए भारत में कब रखा जाएगा पहला रोजा?

महाष्टमी पर मां दुर्गा की तरह होगी ‘नफीसा’ की पूजा, स्वामी विवेकानंद से मिली प्रेरणा, जानिए क्यों हिंदूओं के महापर्व के लिए चुनी गई मुस्लिम बेटी

41

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्र के नौ दिन देवी मां के नौ अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। वहीं, नवरात्र के अंत में हवन के बाद कुवारी कन्या भोजन का भी विशेष महत्व होता है। आपने नौ कन्याओं को बोजन कराते तो हर साल देखा होगा। लेकिन इस बार कुवारी कन्या की पूजा के लिए ब्राह्मण परिवार की कुंवारी लड़की नहीं बल्कि एक मुस्लिम बेटी का चयन किया गया है।

देवी पूजा के लिए मुस्लिम लड़की का चयन

जी हां.. हम बात कर रहे हैं कोलकाता के न्यू टाउन में हो रही दुर्गा पूजा की जहां इस बार हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश देने के लिए लीक से हटकर योजना बनाई गई है। महाष्टमी के दिन होने वाली कुमारी पूजा के लिए समिति ने एक आठ साल की मुस्लिम लड़की का चयन किया है, जिसका नाम नफीसा है। नफीसा पाथुरियाघाटा इलाके की रहने वाली है। आम तौर पर महाष्टमी की पूजा के लिए किसी ब्राह्मण परिवार की कुंवारी लड़की का चयन किया जाता था। ध्यान रखा जाता था कि लड़की की उम्र 12 साल से कम हो। हालांकि इस बार सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देने के लिए मुस्लिम लड़की का चयन किया गया है। ग्रुप का कहना है कि स्वामी विवेकानंद ने सदी भर पहले जो संदेश दिया उससे प्रेरणा लेकर यह कदम उठाया गया है।

विवेकानन्द ने की थी मुस्लिम लड़की की पूजा

स्वामी विवेकानन्द, ‘हिन्दू भिक्षु’ और समाज सुधारक, जिन्होंने शिकागो कन्वेंशन 1893 में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। एक मुस्लिम लड़की को ‘कुमारी’ के रूप में पूजते थे। विवेकानन्द द्वारा उस कन्या को माँ दुर्गा के रूप में पूजा जाता था। दरअसल, 1898 में अपनी यात्रा के दौरान स्वामी विवेकानंद ने एक मुस्लिम नाविक से निवेदन किया था कि वह श्रीनगर के खीर भवानी मंदिर में पूजा के लिए अपनी बेटी को भेज दें। इसके बाद उस मुस्लिम लड़की की मंदिर में पूजा की गई थी।

ग्रुप का कहना है कि स्वामी विवेकानंद के उस संदेश को दोहराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे यहां परंपरा है कि हम बच्चियों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। हालांकि दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान देश भर के कई मंदिरों और घरों में कुमारी पूजा की जाती है, लेकिन हाल के इतिहास में किसी भी परिवार ने मुस्लिम लड़की की पूजा नहीं की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.