Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सीहोर में प्रशासनिक दावों की खुली पोल, उफनते नाले के बीच कमर तक पानी में जान जोखिम में डालकर निकली श... चिटफंड ठगी पर ED की बड़ी स्ट्राइक: विशाखापट्टनम और हैदराबाद में छापेमारी, ₹1.01 करोड़ कैश बरामद व 18... संसद में नीट पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर हंगामा: गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, राम मंदिर चोरी पर नुक्कड़ नाटक करने के मामले मे... दलीप ट्रॉफी 2026: वेस्ट जोन टीम में बड़ा बदलाव, सरफराज खान की जगह 25 साल के जय गोहिल को मिला मौका फरहान अख्तर का रणवीर सिंह पर तीखा तंज: 'डॉन 3' की शूटिंग से 1 महीने पहले एक्टर के पीछे हटने पर बयां ... रूस की सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी 'याब्लोको' चुनाव... प्राइमरी मार्केट में कमाई का महा-कुंभ: 30 सितंबर की SEBI डेडलाइन से पहले ₹45,000 करोड़ के IPO लाने क... होटल का Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान! माइक्रोसॉफ्ट ने 'कैप्टिवक्रंच' साइबर अटैक को लेकर... नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग! जानें नाग देवता की पूजा की परंपरा और कथा

एप के माध्यम से पनागर विधानसभा क्षेत्र से आई पहली शिकायत

40

जबलपुर । निर्वाचन आयोग द्वारा आम जन के लिए एक एप लांच किया गया है। इस एप के माध्यम से नागरिक चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन एवं निर्वाचन से संबंधित अन्य प्रकार की शिकायतें कर सकते हैं। आयोग के निर्देश पर यह एप शुरू किया जा चुका है। एप के माध्यम से मंगलवार को पहली शिकायत पनागर विधानसभा क्षेत्र से आई। इसी कड़ी में दूसरी शिकायत भी पनागर से ही आई। जिनकी जांच कर आरओ के माध्यम से उनका निराकरण करा दिया गया।

क्षति नहीं पहुंचने देने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने एप लांच किया

शिकायत कर्ता की गोपनीयता बरकरार रखने और उसे किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचने देने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल एप लांच किया। इस एप के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों काे त्वरित रूप से फोलो कर 100 मिनट के अंदर संबंधित शिकायत का समाधान करने के निर्देश आयोग की ओर से दिए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत सीधे जिला स्तर पर आती है। वहां से तत्काल शिकायत का विवरण एफएसटी (फ्लाइंग स्क्वाड टीम) को ट्रांसफर किया जाता है। एफएसटी मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित आरओ (रिटर्निंग आफीसर) को देती है, जो तथ्यों के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।

प्रक्रिया कम्पलीट करने के लिए समय सीमा 100 मिनट निर्धारित

इस पूरी प्रक्रिया कम्पलीट करने के लिए समय सीमा 100 मिनट निर्धारित की गई है। मंगलवार का प्राप्त पहली शिकायत यह रही कि 108 एम्बुलेंस में कुछ जनप्रतिनिधियों के चित्र बने हैं। इसी प्रकार से दूसरी शिकायत में भी किसी स्थान पर राजनेताओं के बैनर पोस्टर लगे होने का उल्लेख रहा है। इन दिनों शिकायतों पर तत्काल उचित कार्रवाई कर शिकायतों का निराकरण कर दिया गया। आयोग की ओर से सख्त निर्देश हैं कि किसी भी शिकायतकर्ता के बारे में जानकारी किसी से साझा नहीं की जा सकती।

प्रत्येक विधानसभा में हैं 10 एफएसटी

आचार संहिता के उल्लंघन की मानीटरिंग के लिए विधानसभा वार एफएसटी का गठन किया गया है। प्रत्येक विधान सभा में हर समय तीन टीमें सक्रिया रहेंगी। ये टीमें तीन शिफ्ट में काम करेंगी। इस तरह से प्रत्येक विधानसभा में 24 घंटे के दौरान नौ टीमें सक्रिय रहेंगी। इनके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक टीम को रिजर्व में रखा गया है। इस प्रकार से जिले में कुल 80 एफएसटी काम बनाई गई हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.