Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार, जहरीली हुई हवा, ग्रेप का पहला चरण लागू

28

नई दिल्ली। दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है। हवा इतनी जहरीली हो गई है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। अब हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का पहला चरण लागू कर दिया है। इसी के साथ ही पटाखों पर रोक के साथ 27 सूत्री एक्शन प्लान लागू कर दिया है।

शुक्रवार को दिल्ली की हवा बेहद खराब रही। गुरुवार को दिल्ली के आठ इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया। यह 200 से भी ऊपर था, यानी कि खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अब हम बात करें पूरे दिल्ली की हवा क्वालिटी की तो अभी भी मध्यम श्रेणी पर है।

पटाखे जलाने पर लगा दी गई रोक

दिल्ली में आठ इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पहुंचा, तो सीएक्यूएम की ग्रेप उप समिति की आपात बैठक बुलाई गई। इस बैठक में निर्णय हुआ कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप का पहला चरण लागू किया जाए। ग्रेप का पहला चरण लागू होने के बाद डीजल जनरेटर, पटाखों, कूड़ा जलाना आदि पर रोक लगा दी गई है।

हवा में ज्यादा देर तक रुक रही है धूल

दिल्ली-एनसीआर में अगस्त और सितंबर में बरसात कम हुई है। बरसात के ना होने से जमीन पर नमी की मात्रा नहीं है। हवा चलने से धूल उड़ने लगती है। मानसून के जाने के बाद हवा का रुख उत्तरी-पश्चिमी हो गया है। हवा की रफ्तार में भी कमी आई है, जिससे धूल के कण ज्यादा देर तक हवा में रुके रहते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.