शहडोल। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार सोनी (विशेष न्यायालय पाक्सो अधिनियम) की अदातल से नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने के आरापितों को बीस वर्ष का कारावास सुनाया गया है। आरोपित शिव प्रसाद यादव 25 वर्ष पुत्र सुद्धू यादव एवं अशोक चौधरी उर्फ नान बाबू 29 वर्ष पुत्र स्वा. राजेश चौधरी दोनों निवासी ग्राम करूआ गोहपारू को अपहरण के मामले में दो वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 366/34 भादवि में तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 1000-1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
आरोपित शिव प्रसाद यादव को अलग से धारा 376(3) भादवि एवं धारा 5(एल) सपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में 20 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है। शासन की ओर से प्रकरण में सुषमा सिंह ठाकुर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी द्वारा पैरवी की गई है।
ये है पूरा मामला
संभागीय जनसंपर्क अधिकारी (अभियोजन) नवीन कुमार वर्मा ने बताया कि फरियादी अपने लडके के साथ थाने में उपस्थित होकररिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी लड़की जो कक्षा 11वीं में पढ़ती है। 26 जनवरी 2020 को सुबह 07.00 बजे घर से 26 जनवरी ध्वजारोहण में स्कूल जाने को कहकर घर से स्कूल तरफ गयी थी। शाम तक घर वापस नहीं आई। तब लड़की का पता करने स्कूल गया, लड़की नहीं मिली। लड़की की सहेलियों के घर जाकर पूंछा एवं आस-पास पता तलाश किया कोई पता नहीं चला। शंका है कि लड़की को कोई अज्ञात बहला फुसलाकर भगा कर ले गया है।
स्कूल से आते समय गायब हुई थी नाबालिग
रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना के दौरान पीड़िता को दस्तायाब करने पर पीड़िता ने बताया कि घटना दिनांक 26जनवरी 2020 को सुबह 7.00 बजे वह ध्वजारोहण के लिये अपने स्कूल गयी थी। लगभग 10.00 बजे अपनी सहेली के साथ वापस घर आ रही थी और स्कूल के बाहर ग्राउण्ड के बाद सड़क में उसकी सहेली का भाई आया और उसकी सहेली को लेकर चला गया तब वह अकेले वहां से घर के लिए आ रही थी। तभी दोनों आरोपी रास्ते में खड़े हुए थे पकड़ ले गए इसके बाद घटना को अंजाम दिया।
कई दिनों तक झोपड़ी में रखा
आरोपित शिव प्रसाद बस में बैठाकर शहडोल ले गया और रेलवे स्टेशन शहडोल से एक ट्रेन पर बैठाया और कटनी ले गया। कटनी पहुंचने तक रात हो गयी थी। शिव प्रसाद कटनी से दूसरी ट्रेन में बैठाकर उसे टपरी स्टेशन तक ले गया और वहां से बस में बैठाकर ग्राम ताजपुर में एक खेत में बनी हुई झोपड़ी में ले गया। वहां पर उसे 10-15 दिन तक रखा और उसके साथ वहीं पर दुष्कर्म किया। विवेचना उपरांत प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए सशक्त तर्कों से सहमत होकर एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विचारण उपरांत आरोपीगणों को दंडित किया गया।
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