Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा... वृंदावन आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बीच हाथरस का युवक 3 महीने से लापता

भगवान को क्‍यों अर्पित किया जाता है 56 भोग, देखें सभी पकवानों की सूची

78

भारत में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहारों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेशोत्‍सव हैं जो कि सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं। लोग इस दिन भगवान के लिए 56 विशेष खाद्य पदार्थों की सूची तैयार करते हैं, जिन्हें छप्पन भोग भी कहा जाता है। भोजन का यह व्‍यापक आयोजन अपने आराध्‍य के प्रति लोगों की अटूट भक्ति को दर्शाता है। इसमें विभिन्न प्रकार के पेय, अनाज, फल और सूखे मेवे, और मिठाइयाँ शामिल हैं। अपने इष्‍ट की आराधना में भक्त 56 विभिन्न प्रकार के प्रसाद बनाते हैं और उन्हें भगवान को भेंट करते हैं। इन सभी को एक विशिष्ट क्रम में परोसा जाता है, जिसमें पहले दूध की चीजें आती हैं, फिर नमकीन सामान और अंत में मिठाई। आइये देखें छप्‍पन भोग क्‍यों लगाया जाता है और इसमें कितने पकवान शामिल किए जाते हैं।

छप्पन भोग के पीछे यह है कथा

तूफान और बारिश के देवता भगवान इंद्र को खुश रखने और उन्हें समय पर बारिश और स्वस्थ फसल देने के लिए, वृंदावन के किसान उन्हें भरपूर भोजन खिलाते थे। नन्हे कृष्ण ने सोचा कि यह तरीका किसानों के साथ अन्याय है। उसने उन्हें यह भोजन परोसना बंद करने का आदेश दिया। इससे भगवान इंद्र क्रोधित हो गए और वृंदावन के छोटे से गांव पर ओलावृष्टि शुरू कर दी। कई दिनों तक लगातार बारिश हुई, जिससे बाढ़ आ गई। भगवान कृष्ण ने सभी को गोवर्धन पर्वत पर बुलाया और इस छोटी उंगली पर फहराया ताकि हर कोई डूबने से बचने के लिए इसके नीचे शरण ले सके। उन्होंने सात दिनों तक पर्वत को स्थिर रखा जब तक कि भगवान इंद्र को अपनी गलती का एहसास नहीं हुआ और उन्होंने बारिश को रोक दिया। भगवान कृष्ण सात दिन तक बिना अन्न का एक दाना खाए रहे। माना जाता है कि उन्होंने औसतन हर दिन आठ वस्‍तु का सेवन किया। वृंदावन के लोगों ने अपना धन्यवाद प्रकट करने के लिए 56 व्यंजन (8 व्यंजन x 7 दिन) तैयार किए और सातवें दिन के समापन पर उन्हें भेंट किए।

यहां देखें भोग में शामिल 56 खाद्य पदार्थों की सूची

मक्‍खन मिश्री

खीर

रसगुल्ला

जीरा लड्डू

जलेबी

रबड़ी

मालपुआ

मोहनभोग

मूंग दाल का हलवा

घेवर

पेड़ा

काजू

बादाम

पिस्‍ता

इलायची

पंचामृत

शक्करपारा

मठरी

चटनी

मुरब्बा

आम

केला

अंगूर

सेब

आलूबुखारा

किशमिश

पकोड़े

साग

दही

चावल

दल

कढ़ी

चिला

पापड़

खिचड़ी

बैंगन

लौकी

पूरी

टिक्की

दलिया

घी

शहद

मक्खन

मलाई

कचौड़ी

रोटी

नारियल पानी

बादाम का दूध

छाछ

शिकंजी

चन्ना

मीठा चावल

भुजिया

सुपारी

सौंफ

पान

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.