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इंदौर में अब दांतों से होगी अपराधियों की पहचान

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इंदौर। अपराधियों के दांत भी उन्हें कानून की गिरफ्त में लाने में मदद करने वाले हैं। फिंगर प्रिंट, ब्लड और बालों के सैंपल के भरोसे रहने वाली पुलिस को अब नई सुविधा मिलने वाली है। अपराधियों को पहचान करने के लिए प्रदेश की पहली फोरेंसिक लैब शासकीय डेंटल कालेज में तैयार हो रही है, जहां अब अपराधियों के दांतों का रिकार्ड तैयार किया जाएगा।

इस लैब की मदद से पुलिस अपराधियों के दांतों के सैंपल की मदद से उनकी पहचान कर सकेगा। इसके कई मामलों में उम्र का पता लगाना मुश्किल होता है, लेकिन इस लैब की मदद से उम्र का पता भी लगाया जा सकता है। पहले चरण में कुछ उपकरण बुलाए जाएंगे। इस लैब में अपराधी की दांतों की हिस्ट्री व ज्यामिति तैयार की जाएगी।

लैब की तैयारियां शुरू

विशेषज्ञों ने बताया कि जिस प्रकार फ्रिंगर प्रिंट से अपराधियों का पता लगाया जा सकता है। ऐसे ही दांतों की हिस्ट्री से अपराधियों की पहचान की जा सकेगी। हड्डियों से उम्र के आकलन किया जा सकता है। हड्डियों के स्ट्रक्चर के हिसाब से उम्र का पता लग जाता है। इंदौर डेंटल कालेज के पांच विभाग ओरल पैथोलाजी, ओरल डायग्नोसिस एंड रेडियोलाजी, आर्थोडोंटिक्स, पीडियोडोंटिक्स, प्रोस्थोडोंटिक्स से इसे जोड़ा जाएगा। लैब की तैयारी शुरू हो चुकी है।

इसके लिए प्रारंभिक तौर पर करीब 10 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से आधा बजट रिसर्च लैब के लिए भी दिया जाएगा। तीन चरणों में लैब को तैयार किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में इसमें आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। वहीं अंतिम चरण में लाखों की कीमत वाले उपकरणों का लगाया जाएगा।

ऐसे करेगी लैब काम

अपराधियों को पुलिस उनके रिकार्ड के अनुसार शासकीय डेंटल कालेज में लाकर दांतों को स्कैन किया जाएगा। हर अपराधी के फोटो और डिटेल के साथ उसके दांतों की हिस्ट्री तैयार की जाएगी, जिसमें दांतों की साइज, बनावट और आर्थोडोंटिक्स के मुताबिक रिकार्ड होगी। जिसकी मदद से अपराधी की पहचान करने में आसानी होगी।

शासकीय डेंटल कालेज में फारेंसिक लैब तैयार की जा रही है, जिससे अपराधियों के दांतों का रिकार्ड तैयार किया जा सकेगा। इस लैब के पहले चरण का काम शुरू हो गया है। जल्द ही लैब की सुविधा मिलने लगेगी।

-डा. संध्या जैन, डीन

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