Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CM Mohan Yadav Ancestral Home: विकास के लिए मुख्यमंत्री ने खुद ढहाया अपना आशियाना, उज्जैन में प्रशास... Bansal Pankh Marathon Ujjain: महाकाल एडिशन मैराथन में गूंजा धावकों का उत्साह, सीएम यादव ने फिटनेस के... MP-CG Crime News: चरित्र शंका के विवाद में उजड़ गया हंसता-खेता परिवार, आरोपी पति ने खुद को भी किया ल... Supreme Court Legal News: वायुसेना की पूर्व अधिकारी को मिली बड़ी राहत, 12 साल बाद फिर से स्क्वाड्रन ... Jiji Thomson Claim Against CEC: पूर्व IAS अधिकारी जिजी थॉमसन के दावे पर घिरे ज्ञानेश कुमार, बीजेपी स... Mahindra Thar Accident Delhi: रोड रैश गेम जैसा दिखा खौफनाक मंजर, तेज रफ्तार थार की टक्कर से बाइक सवा... Cyclone Arnab Impact: एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज, बारिश के बाद ट्रैफिक जाम और जलभराव से लोग परेशा... Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी

दिव्यांग बेटों में एक की मौत, दूसरा दिव्यांग योजना के लाभ को लगा रहा चक्कर

41

बालाघाट। दिव्यांगों के अच्छे जीवन स्तर और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से सरकार वैसे तो कई याेजनाएं चला रही हैं। इसका लाभ कई दिव्यांगों को नहीं मिल पा रहा है। बालाघाट जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत अरनामेटा के ग्राम तिखाखरी में रहने वाले प्रवीण नेवारे फिलहाल इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

दो बेटे दिव्यांग थे, एक की कुछ वर्ष पहले ही मौत हो गई।

पिता टेकचंद नेवारे ने बताया कि उनके दो बेटे दिव्यांग थे, जिसमें एक बेटे की अभी कुछ वर्ष पहले ही मौत हो गई एवं दूसरे बेटे प्रवीण नेवारे को शासन की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि उनके द्वारा कई बार ग्राम सरपंच, सचिव एवं संबंधित विभाग के चक्कर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने मांग की कि बेटे को शासन द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। वह बरसों से शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं।

शासकीय योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास

ग्राम के जनप्रतिनिधि दीपचंद ठाकरे ने बताया कि टेकचंद नेवारे के पुत्र को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने के कारण वह आज भी सरपंच, सचिव के चक्कर लगा रहा है। जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारियों से चर्चा कर उन्हें शासकीय योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.