Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रि... तमिलनाडु के विल्लुपुरम जिले में सामने आया एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला, एक्स गर्लफ्रें... कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मां... भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता म... दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलत...

नेपा मिल में सफेद राइटिंग कागज का उत्पादन शुरू, जनसंपर्क अधिकारी बोले- केंद्र सरकार से मिला था पैकेज

55
बुरहानपुर । अखबारी कागज का उत्पादन करने वाले एशिया के पहले और सबसे बड़े कारखाने नेपा मिल में 75 साल बाद सफेद राइटिंग कागज का उत्पादन शुरू हो गया है। सोमवार को मिल प्रबंधन ने इसका ट्रायल किया था और गणेश चतुर्थी से उत्पादन शुरू कर दिया।

मिल प्रबंधन ने अखबारी कागज को रीसाइकिल कर 58 जीएसएम के सफेद कागज के रोल तैयार किए हैं। इस पेपर की ब्राइटनेस 75 प्लस है। कागज का उपयोग कई तरह की लेखन और मुद्रण सामग्री में किया जा सकेगा।

जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि नेपा मिल की इस उपलब्धि को लेकर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने भी ट्वीट किया है। केंद्र सरकार से मिले रिवाइवल पैकेज से तेरह माह पूर्व ही नेपा मिल का नवीनीकरण कर नए सिरे से प्रारंभ किया था। मिल प्रबंधन ने पेपर बनाने वाली अन्य आधुनिक मशीनों के साथ ही डी-इंकिंग प्लांट भी लगाया है। यह प्लांट अखबारी कागज से स्याही को अलग करने का काम करता है। मिल प्रबंधन काफी समय से सफेद कागज तैयार करने का प्रयास कर रहा था। इन प्रयासों को अब जाकर सफलता मिली है।

सीमित मानव संसाधनों से पाई सफलता

नेपा मिल की स्थापना के करीब 75 साल पूरे हो चुके हैं। इस सफर के बीच में करीब नौ साल तक आर्थिक तंगी और नवीनीकरण के कारण मिल पूरी तरह बंद रही। पिछले साल 23 अगस्त को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय ने नवीन संयंत्रों का शुभारंभ किया था। उसके बाद नए सिरे से कागज का उत्पादन शुरू हुआ। इस कारखाने में पूर्व में करीब चार हजार कर्मचारी काम करते थे।

नवीनीकरण के बाद मिल में 230 अधिकारी, कर्मचारी काम कर रहे हैं। सीमित मानव सांसधनों के बावजूद मिल ने अच्छी गुणवत्ता का सफेद कागज कर कीर्तिमान रच दिया है। अब मिल में अखबारी कागज के साथ व्यावसायिक कागज का उत्पादन भी शुरू हो गया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.