Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने लिखा खास लेख, देश के लिए दि... दिल्ली में एकतरफा प्यार और प्रताड़ना का खौफनाक अंत, पेट्रोल छिड़ककर की खुदकुशी— पुलिस जांच में जुटी पालतू कुत्ते और पार्किंग के विवाद ने ली जान, टेक कंपनी के पूर्व अधिकारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं बालिचंद्रपुर में दर्दनाक अग्निकांड, एलपीजी गैस से खाना बनाते वक्त हुआ हादसा— एक झुलसा यूपी-उत्तराखंड में सक्रिय अवैध ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुरादाबाद पुलिस ने 2000 कोडीन सिरप की बो... सेवा का कभी प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सच्चा धर्म है— मोहन भागवत दीपावली 2026 पर अपनों को भेजें ये खूबसूरत शुभकामनाएं और संदेश, इन प्यारे कोट्स से बनाएं त्योहार को ख... देश भर में दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में प्रदूषण और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान— IM... इजराइल की राजनीति में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने विपक्षी नेता आइसेनकोट को सौंपा सरकार बन... द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मनाया गया दीपावली का पावन ...

उमा भारती ने किया बिल का विरोध, बोलीं- मंडल कमीशन के आधार पर महिलाओं को मिले संसद में स्थान

37

भोपाल। संसद में महिला आरक्षण बिल पेश किए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिलाओं के आरक्षण की मांग की है। उमा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि महिला आरक्षण बिल में ओबीसी महिलाओं को विशेष स्थान दिया जाए। इस बिल में ओबीसी महिलाओं को स्थान नहीं दिया गया है ऐसे में वह इस बिल का खुलकर विरोध करेंगी।

मंगलवार को उमा भारती ने पत्रकारवार्ता कर महिला आरक्षण बिल का विरोध करते हुए कहा कि ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का आंदोलन चलाएंगी। उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा सरकार के समय महिला आरक्षण का बिल पेश किया गया था, उस समय मैंने कहा था कि एससी-एसटी की महिलाओं का भी प्रविधान किया जाए, जिसके बाद बिल रुक गया था, मैंने सुझाव दिया था कि मंडल कमीशन के आधार पर आरक्षण मिले। पार्टी के हर मंच पर ये मुद्दा उठाया, जिस पर अटल और आडवाणी जी का भी समर्थन मिला था।

सनातन को पुजारियों पर छोड़ दें

उमा भारती कहा कि महिलाओं को हजार दो हजार रुपये देने से क्या होगा, देना ही है तो महिलाओं को संसद में स्थान देना चाहिए। सनातन पर राजनीति को लेकर उमा ने कहा कि सनातन को पंडित और पुजारियों पर छोड़ दें, राजनीति न करें। राजनीतिक लोगों को तो विकास की बात करना चाहिए, सनातन शंकराचार्य और पंडित, पुजारी के लिए छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएमके का तो हमेशा से ही यही स्वभाव रहा है। डीएमके ने हमेशा सनातन का विरोध किया पर क्या उससे सनातन पर कोई प्रभाव पड़ा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.