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उत्तर प्रदेश सरकार ने गिट्टी पर लगने वाली रॉयल्टी की कम, बंद होने की कगार पर पहुंचा छतरपुर का क्रशर उद्योग

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छतरपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने गिट्टी में लगने वाली रॉयल्टी में को कम कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से यूपी से लगे छतरपुर के क्रशर उद्योग को भारी झटका लगा है। छतरपुर से अधिकतर सप्लाई यूपी की ही होती है।

इस तरह से समझें कैसे होगा नुकसान

गिट्टी की जो गाड़ी एमपी में लोड होंगी, उसमें रायल्टी 30 जीएम के हिसाब से लगेगी। वहीं यूपी से गाड़ी लोड होंगी उसमें रॉयल्टी की 15 जीएम के हिसाब से लगेगी, जिससे यूपी में गिट्टी सस्ती पड़ेगी। अब उत्तर प्रदेश से आने वाली सभी गाडियां बंद हो जाएंगी, क्यों कि उन्हें यहां आकर माल महंगा पड़ेगा।

आपको बता दें कि प्रकाश बम्होरी, घटहरी, बदौरा, मुडहरा, पलटा, और दिदवारा आदि बड़ी क्रशर मंडी हैं, जो यूपी की सीमा से लगी हैं। यहां करीब 60 क्रशर संचालित थे और लगभग 40 पहाड़ों पर खनन कार्य हो रहा था। क्रशर बंद होते हैं, तो सैकड़ों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

पूरी तरह खत्म हो जाएंगी क्रेशर मंडी

क्रेशर मंडी यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि आईएसटीपी 100 घन मीटर होने से क्रशर मंडी बहुत अधिक प्रभावित हो चुकी है। आधे से अधिक क्रशर बंद हो चुकी हैं और कन्वर्जन फैक्टर परिवर्तन होने से क्रशर मंडी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

हजारों लोग हो जाएंगे बेरोजगार

छतरपुर का क्रशर उद्योग संकट के दौर में आ गया है। इस संबंध में क्रशर यूनियन के अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा कि यूपी सरकार ने छतरपुर के क्रशर उद्योग को बड़ा झटका दे दिया है। मध्य प्रदेश सरकार में क्रशर यूनियन की कोई सुनवाई नहीं हाे रही है। अगर बढ़ाई गई आइएसटीपी कम नहीं की गई, तो जो क्रशर संचालित हैं वो भी बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। हजारों लोगों के हाथों से रोजगार छूट जाएगा।

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