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बरसात में हम कैसे ​रख स​कते है अपना ख्याल, अभिषेक शाह, वरिष्ठ चिकित्सक बिलासपुर

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वर्षा के कुछ फायदे हैं तो इसके कुछ स्वास्थ्यगत नुकसान भी होते हैं। जैसे इस मौसम में मौसमी बीमारी के वायरस सक्रिय हो जाते हैं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को जरा सी लापरवाही बरतने पर बीमार बना देते हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। इसलिए इन्हें भीगने से बचाना चाहिए।

वही यदि युवा वर्ग मौज मस्ती के लिए पानी में भीग रहे हैं तो ज्यादा देर न भीगे और तुरंत गीले कपड़े उतारकर शरीर को साफ करें। भीगने के बाद नहाना अच्छा होता है। इसी तरह इन दिनों बाहर का खाना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए। खासकर ठेले व गुमटी आदि में बनने वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहना ही हितकर होता है, क्योंकि अक्सर ये खुले में रहते है और इसमें हानिकारक कीटाणु होने की आशंका रहती है, जो आपको बीमार बना सकता है।

इसी तरह इस मौसम में बासी भोजन भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से फ़ूड पाइजनिंग होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में घर का बना खाना ही सही होता है। इसी तरह घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कमरों में खासतौर से बेडरूम और बेड में सीलन नहीं आने देना चाहिए, क्योंकि सीलन और उमस से कई तरह के बीमारियों के कीटाणु सक्रिय हो जाते हैं। वे हमें बीमारी दे सकते हैं।

इसकी वजह सर्दी, खांसी की समस्या हो सकती है। इस तरह से कुछ सावधानी बरतने से बरसात के मौसम को बिना किसी शारीरिक परेशानी के अच्छे से काटा जा सकता है। वहीं यदि कोई बीमार हो गया है और तीन में ठीक नहीं होता है तो इसे मौसमी बीमारी मानकर चिकित्सकों से सलाह व दवा लेना चाहिए, इससे बीमारी नहीं बढ़ेगी और आप समय पर ठीक हो जाएंगे।

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