Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

अधिनियम के प्रविधानों के तहत मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य

35

इंदौर। मंदसौर गोलीकांड की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में सोमवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने रिजाइंडर प्रस्तुत करते हुए कोर्ट को बताया कि जांच आयोग अधिनियम के प्रविधानों के तहत जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य है।

इस अधिनियम की मंशा यही है कि आयोग की जांच रिपोर्ट छह माह में सार्वजनिक पटल पर रख दी जाए। याचिकाकर्ता ने अपनी बात के समर्थन में दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं। शासन ने रिजाइंडर पर जवाब के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है।

गोली लगने से पांच किसानों की हो गई थी मौत

किसान आंदोलन के दौरान 6 जून 2017 को मंदसौर में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा गोली चलाने से पांच किसानों की मृत्यु हो गई थी। मामले की जांच के लिए शासन ने हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति जेके जैन की अध्यक्षता में ‘जैन आयोग’ गठित किया था।

2018 में शासन को सौंप दी थी रिपोर्ट

आयोग ने 13 जून 2018 को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को दे दी थी। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने एडवोकेट प्रत्युष मिश्रा के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.