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कोलसानी के रहते नोटिस जारी होते थे फ्रैंक नोबल-ए ने ताला ही लगवा दिया

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भोपाल। निगम की कमान संभालने के बाद किसी भी निगम आयुक्त के सामने रहवासियों की जरूरतों को पूरा करना बड़ी चुनौती होती है। यह काम बिना रुपयों के हो ही नहीं सकता, क्योंकि निगम की माली हालत ठीक नहीं है। जब भी कोई नए आयुक्त पदभार संभालते हैं वह सबसे पहले राजस्व वसूली पर जोर देते हैं लेकिन फ्रैंक नोबल-ए इस मामले में एक कदम आगे निकलते दिख रहे हैं। वह आम बकायादारों को लेकर तो कड़क है ही, उन्होंने बीडीए व पीडब्ल्यूडी जैसे बड़े सरकारी विभागों की संपत्तियों पर ताला लगवा दिया है।

आमतौर पर कोई भी आयुक्त यह कदम तभी उठाते आए हैं जब तक कि पानी सिर पर से न गुजरने लगे। ऐसा नहीं है कि राजस्व नहीं चुकाने वालों के खिलाफ तत्कालीन निगम आयुक्त वीएस चौधरी कोलसानी नरमी बरतते थे बल्कि उनके रहते भी कुर्की की कार्रवाई हुई है लेकिन शासकीय विभागों पर तालाबंदी से पहले वह बीच का रास्ता निकालने पर जोर देते थे और इसके लिए नोटिस पर नोटिस जारी होते थे। हालांकि रविवार को वार्ड 46 में निगम द्वारा बीडीए, पीडब्ल्यूडी और रंभा टाकीज की संपत्तियाें पर ताले लगाने की कार्रवाई से आम रहवासी खुश हैं इनका कहना है कि जब तक राजस्व नहीं मिलेगा तब तक सुविधा पाने में भी दिक्कतें आएंगी। उल्लेखनीय है कि इन तीनों पर नगर निगम के एक करोड़ छह लाख रुपये से अधिक बकाया था।

जोन क्रमांक 10 के जाेनल अधिकारी शैलेष चौहान ने बताया कि आयुक्त फ्रैंक नोबल ए ने सभी वार्डों में तीन बड़े बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी तारतम्य में राजस्व वसूलने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और चिकलोद सड़क में स्थित रंभा टाकीज के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई हुई। उन्होंने बताया कि लक्ष्मीगंज गल्ला मण्डी स्थित महालक्ष्मी परिसर में लोक निर्माण विभाग के 12 आवासीय प्रकोष्ठ हैं, ये कर्मचारियों को आवंटित किया जाना है लेकिन इनका सेवा प्रभार पीडब्ल्यूडी के द्वारा लंबे समय से नहीं दिया जा रहा है। करीब 69 लाख रुपये की राशि बकाया होने पर महालक्ष्मी परिसर के टी-1, 101 से 106 एवं 201 से 206 आवासीय प्रकोष्ठों पर तालाबंदी की गई।

रंभा टाकीज जमींदोज होने के बाद नहीं दिया कर

अधिकारियों ने बताया कि दो वर्ष पहले तक रंभा टाकीज का पूरा संपत्तिकर जमा किया गया है लेकिन जबसे इसे जमींदोज किया गया, संपत्ति मालिक ने कर देना बंद कर दिया। जबकि खाली जमीन पर टैक्स कम बनता है। बीते दो वर्ष का एक लाख 64 हजार रुपये संपत्तिकर बकाया है। इसी प्रकार बीडीए के लक्ष्मीगंज गल्ला मण्डी स्थित महालक्ष्मी परिसर के आवासीय प्रकोष्ठों पर लगभग 36 लाख रुपये की राशि बकाया होने पर बीडीए की बिल्डिंग बी-10 के प्रकोष्ठ क्रमांक 101 एवं 102 बी-11 के प्रकोष्ठ क्रमांक 101 102 व 104 तथा बी-12 के प्रकोष्ठ क्रमांक 101 व 104 प्रकोष्ठों में तालाबंदी की गई।

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