Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव 2026 के लिए BJP का 'मास्टरप्लान': 85 मुस्लिम बहुल सीटों के लिए तैयार की अलग रणनीति, ममता... जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ का बड़ा खतरा: सीमा पार 70 से ज्यादा आतंकी सक्रिय, खुफिया एजेंसियों ने ... Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था...’, शादी के 4 महीने बाद ही शहब... झारखंड में भी 'शीश महल' पर रार! हेमंत सोरेन के आवास पर बीजेपी नेता का बड़ा आरोप, क्या केजरीवाल की रा... उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योज... दिल्ली में 'फांसी घर' विवाद: केजरीवाल ने भाजपा को घेरा, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का मजाक... Tarun Murder Case: दिल्ली: उत्तम नगर में तरुण की हत्या के बाद भारी बवाल; उग्र भीड़ ने फूंकी कारें, इ... UPSC रिजल्ट में हरियाणा के एकांश ढुल ने गाड़े सफलता के झंडे; हासिल की ऑल इंडिया तीसरी रैंक, CM सैनी ... महाराष्ट्र में किसानों की बल्ले-बल्ले! फडणवीस सरकार ने किया कर्जमाफी का ऐलान, जानें किन किसानों को म... Stock Market Crash Today: शेयर बाजार लहूलुहान! कच्चे तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल, मात्र 6 घंटे में ...

कांग्रेस ने 2 अगस्त को दिल्ली में कर्नाटक नेताओं को किया तलब, मंत्रियों संग होगी हाईलेवल मीटिंग

25

कांग्रेस आलाकमान ने पिछले कुछ समय से पार्टी की कर्नाटक इकाई में जारी असंतोष समाप्त करने के लिए दो अगस्त को नयी दिल्ली में राज्य के पार्टी नेताओं की दो बैठकें आहूत की हैं। पार्टी के शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पहली बैठक पार्टी आलाकमान और कर्नाटक के शीर्ष पार्टी नेताओं के बीच होगी।

कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया, ‘‘उस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार, कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एच. के. पाटिल, पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला एवं कुछ अन्य शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे।”

पदाधिकारी ने बताया कि दूसरी बैठक कांग्रेस के मंत्रियों के साथ होगी, जिसमें पार्टी के कुछ वरिष्ठ विधायक भी हिस्सा ले सकते हैं। पार्टी विधायकों की शिकायतों को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बेनतीजा रहने के मद्देनजर ये बैठकें आहूत की गई हैं। कांग्रेस विधायक कथित तौर पर इस बात से नाराज हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बैठक के दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री उन्हें समय नहीं दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।

कांग्रेस के एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘इन विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था, जिससे पार्टी नेताओं ने सही नहीं माना था। यहां तक कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सीएलपी बैठक के दौरान उन्हें चेतावनी दी थी कि वे ऐसी रणनीति का सहारा न लें, क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होती है।” राज्य के गृह मंत्री डॉ. परमेश्वर ने इस बात से इनकार किया कि सीएलपी बैठक के दौरान कोई असहमति थी।

परमेश्वर ने कहा, ‘‘कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें विधायक दल के सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए। इसका कारण यह था कि पिछली सीएलपी बैठक आधे समय में ही समाप्त हो गई थी, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंत्रियों और विधायकों से मिलना चाहते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धरमैया ने विधायकों से कहा कि ‘‘पत्र लिखना उचित नहीं है।” परमेश्वर ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि यदि आपने मुझे मौखिक रूप से बताया होता तो मैं बैठक बुला लेता। उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि भविष्य में पत्र लिखने की परंपरा जारी नहीं रखी जानी चाहिए।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !