Jabalpur News: नगर निगम स्कूल के गरीब बच्चों ने भरी उड़ान, 85% से ज्यादा अंक लाने पर मिला फ्री हवाई सफर और 5-स्टार होटल का तोहफा
Jabalpur: संस्कारधानी जबलपुर में शिक्षा को लेकर एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। यहां नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर परिवारों से ताल्लुक रखने वाले बच्चों ने अपनी मेहनत के दम पर हवाई सफर का लुत्फ उठाया है। जबलपुर नगर निगम ने बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 22 मेधावी बच्चों को फ्लाइट से इंदौर भेजा है। इंदौर पहुंचने पर इन सभी बच्चों को एक लग्जरी फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया है और वहां स्थानीय पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है।
महापौर गुरुकुल के रूप में बदली स्कूलों की तस्वीर
आमतौर पर शिक्षा के क्षेत्र में निजी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों या नवोदय विद्यालयों की चर्चा होती है, लेकिन शहरी इलाकों में गरीब तबके के बच्चे नगर निगम के स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। जबलपुर नगर निगम के अंतर्गत कुल 7 स्कूल संचालित होते हैं, जिनमें 1800 से ज्यादा बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त करते हैं। बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को दूर करने के लिए जबलपुर के महापौर ने एक अनूठी पहल की और इन स्कूलों को ‘महापौर गुरुकुल’ का नाम देकर वहां सभी आधुनिक सुविधाएं विकसित कीं।
85% अंक लाने पर मिला हवाई यात्रा का तोहफा
इन स्कूलों के बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जगाने के लिए एक खास घोषणा की गई थी। निगम की ओर से यह वादा किया गया था कि जो भी छात्र बोर्ड परीक्षा में 85% या उससे अधिक अंक लेकर आएगा, उसे नगर निगम की तरफ से निशुल्क हवाई यात्रा कराई जाएगी और इंदौर के फाइव-स्टार होटल में एक दिन ठहराया जाएगा। इसके साथ ही ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों की सैर भी कराई जाएगी। इस साल कड़ी मेहनत के बाद नगर निगम के 22 बच्चों ने इस लक्ष्य को हासिल कर दिखाया।
सालों की मेहनत लाई रंग, लगातार बढ़ रही है संख्या
बुधवार को ये सभी बच्चे इंडिगो की फ्लाइट से जबलपुर से इंदौर के लिए रवाना हुए। जबलपुर नगर निगम के महापौर जगत बहादुर सिंह ने बताया कि साल 2022 से यह खास कोशिश शुरू की गई थी। राहत की बात यह है कि हर साल सफल होने वाले बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो यह साबित करता है कि इन निगम स्कूलों में पढ़ाई का स्तर काफी सुधरा है। पहले साल सिर्फ 8 बच्चे गए थे, फिर यह संख्या बढ़कर 14 हुई और इस बार नगर निगम के 22 बच्चों के अलावा 5 अन्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, जिससे कुल 27 बच्चे और कुछ शिक्षक इस टूर पर गए हैं।
बच्चों के चेहरों पर आई खुशी, कभी नहीं सोचा था ऐसा
इस ऐतिहासिक पहल से बच्चों और उनके परिजनों में जबरदस्त खुशी का माहौल है। दसवीं कक्षा की छात्रा पूर्वी, जिनके 84.4 प्रतिशत आए थे और जिन्होंने 85% तक पहुंचने की पूरी कोशिश की थी, एक बेहद गरीब परिवार से आती हैं। उनके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। पूर्वी का कहना है कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी हवाई जहाज में बैठ पाएगी। वहीं, छात्रा अक्षरा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जबलपुर में रहने के बावजूद वह कभी एयरपोर्ट तक नहीं गई थीं, लेकिन आज उन्हें अपनी पढ़ाई और मेहनत के बलबूते यह शानदार हवाई यात्रा करने का मौका मिला है।
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