Durg Steel Plant Accident: भिलाई के निजी स्टील प्लांट में हादसे के बाद बड़ा एक्शन, प्लांट निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज
दुर्ग: स्टील सिटी दुर्ग भिलाई के एक निजी स्टील प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब पुलिस ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है. एक मजदूर की दर्दनाक मौत के बाद दुर्ग पुलिस ने जेडी स्टील इंडस्ट्रीज के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. यह प्लांट दुर्ग जिले के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है. आपको बता दें कि बीते 17 अक्टूबर को इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान हुए एक भीषण हादसे में 42 वर्षीय मजदूर संतोष श्रीवास्तव की मौत हो गई थी.
⚖️ प्लांट के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज, भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई
मजदूर की मौत के बाद से ही लगातार प्लांट प्रबंधन और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही थी. जनता और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने प्लांट के निदेशक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहराई से जाँच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जाँच के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 और 106(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है, ताकि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके.
🔥 17 अक्टूबर को हुआ था हादसा, इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान बाहर आ गया था पिघला हुआ मेटल
यह पूरी दुर्भाग्यपूर्ण घटना 17 अक्टूबर की है. दुर्ग जिले के चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र के अंतर्गत रसमड़ा स्थित इस स्टील प्लांट में इंडक्शन फर्नेस का ट्रायल चल रहा था. इसी दौरान अचानक भारी मात्रा में खौलता और पिघला हुआ मेटल बाहर आ गया. इसकी भयंकर चपेट में आने से वहां काम कर रहे मजदूर संतोष श्रीवास्तव बुरी तरह से झुलस गए. हादसे के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर हालत के चलते इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. इस दुर्घटना के बाद अब पुलिस की जाँच का मुख्य केंद्र प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और बरती गई कथित लापरवाही है.
🛡️ सेफ्टी प्रोटोकॉल की भी गंभीरता से जांच कर रही पुलिस, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
इंडक्शन फर्नेस का संचालन और उसका ट्रायल करना एक बेहद जोखिमपूर्ण और तकनीकी औद्योगिक कार्य माना जाता है. ऐसे संवेदनशील समय में प्रशिक्षित कर्मचारियों की अनिवार्य मौजूदगी, सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर्स), उचित निगरानी और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना बेहद जरूरी होता है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के वक्त मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और ट्रायल के दौरान आवश्यक सावधानियां बरती गई थीं या नहीं. प्लांट के निदेशक और ठेकेदार की व्यक्तिगत व पेशेवर जिम्मेदारी भी जाँच के दायरे में है. फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस घटनास्थल से जुड़े तमाम तकनीकी तथ्यों और परिस्थितियों की बारीकी से जाँच कर रही है, और जाँच पूरी होने के बाद इस दुर्घटना को लेकर कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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