Govind Singh Dotasara Protest: एनएसयूआई नेत्री रितु बराला मारपीट मामले में गरमाई सियासत, जयपुर कमिश्नरेट पर बैठे पीसीसी चीफ डोटासरा
राजस्थान में एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ दिल्ली में हुई कथित मारपीट के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. इस मामले में दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पहुँचकर धरने पर बैठ गए हैं. डोटासरा ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा है कि यदि आज ही एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो कल कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता कमिश्नरेट पहुँचकर उसका घेराव करेंगे. प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा समेत तमाम प्रमुख नेता रात भर कमिश्नरेट में ही डटे रहे और अपना धरना जारी रखा.
📞 राहुल गांधी के निर्देश पर मोतीडूंगरी थाने पहुँचे थे नेता, जीरो एफआईआर दर्ज करने की हो रही है मांग
दरअसल, एनएसयूआई पदाधिकारी रितु बराला से हुई मारपीट के इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गोविंद सिंह डोटासरा को तुरंत एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद डोटासरा के साथ विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा और महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह समेत तमाम कांग्रेसी नेता मोतीडूंगरी थाने पहुँचे थे. इस दौरान थाना इंचार्ज ने शिकायत तो ले ली, लेकिन एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सभी नेता और कार्यकर्ता कमिश्नरेट पहुँच गए. डोटासरा ने दो टूक कहा है कि जब तक पुलिस एफआईआर दर्ज करके उसकी आधिकारिक कॉपी हाथ में नहीं दे देगी, तब तक वे कमिश्नरेट से नहीं हटेंगे. उन्होंने तर्क दिया कि कानून के तहत किसी अन्य राज्य में हुई घटना पर भी ‘शून्य प्राथमिकी’ (जीरो एफआईआर) दर्ज की जा सकती है, फिर राजस्थान पुलिस ऐसा करने से क्यों बच रही है?
⚖️ दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद, महिला कांस्टेबल पर लगा गंभीर आरोप
पीड़ित एनएसयूआई नेत्री रितु बराला ने आरोप लगाया है कि गत 13 अक्टूबर को दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस में दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनके साथ मारपीट की थी. बराला के अनुसार, कांस्टेबल ने उनकी गर्दन पकड़ी, उन्हें सीट पर जोर से धकेला, चेहरे पर नाखूनों से खरोंचा और थप्पड़ मारा. यह पूरा विरोध प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास आयोजित किया गया था. राहुल गांधी ने भी दिल्ली पुलिस पर छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता करने और एफआईआर दर्ज करने से इनकार करने का कड़ा आरोप लगाया है. फिलहाल कमिश्नरेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कांग्रेस नेता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं.
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