Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Madhya Pradesh Navratri: अन्न-जल त्यागकर मौन व्रत और शरीर पर जवारे बोए, रीवा के भक्त की अद्भुत भक्ति... Barwani News: बड़वानी के प्रसिद्ध मां मोटी माता मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, 200 साल पुरानी स्वयं... Legal Notice: दशहरे पर रावण दहन की परंपरा पर उठे सवाल, क्या अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी को हुआ था वध? Digvijay Singh Padayatra: 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होगी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा', अयोध्या त... Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाय... Shivpuri News: कंकाल की प्रतिमा और अजब रहस्यों से जुड़ा बलारी माता मंदिर, नवरात्रि में उमड़ती है भार... Jagdalpur Adawal School: दिव्यांग छात्रों ने किया चक्काजाम और प्रदर्शन, समाज कल्याण विभाग के आश्वासन... PMGSY Plastic Roads: कोरबा में प्लास्टिक कचरे से डामर की सड़कें बनाने की तैयारी, स्वसहायता समूहों को... Raipur to Bilaspur Bus Fare: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की मांग पर बस किराया महंगा, नई दरें 13 अक्टूबर... Bishrampur Chakkajam: सुबह 6 से रात 10 बजे तक नो-एंट्री लागू करने की मांग, प्रशासनिक आश्वासन के बाद ...

MP Politics: हाईकोर्ट के फैसले के बाद गरमाई सियासत, समाजवादी पार्टी ने की प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग

3

भोपाल। हाईकोर्ट द्वारा कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में पिछड़े वर्ग (OBC) के आरक्षण की सीमा 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने वाले अध्यादेश और संशोधन कानून को निरस्त किए जाने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। एक तरफ जहां मोहन सरकार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं अब मध्य प्रदेश समाजवादी पार्टी ने इस बहस में एंट्री लेते हुए एक बिल्कुल नया सियासी दांव चल दिया है और आरक्षण को लेकर कई तीखी मांगें उठाई हैं।

📊 “जितनी आबादी, उतना हक”: प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण लागू करने की उठी मांग

भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछले 23 सालों से सत्ता में है, लेकिन कोर्ट के नाम पर पिछड़े वर्ग के आरक्षण को सिर्फ उलझाने का काम कर रही है। सपा नेता ने दो टूक कहा कि पार्टी 27 प्रतिशत के आरक्षण से भी संतुष्ट नहीं है, बल्कि ‘जिसकी जितनी संख्या, उसके आधार पर हिस्सेदारी’ मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राज्य में पिछली जनगणना के आधार पर 52 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए और इसे केवल सरकारी उपक्रमों तक सीमित न रखकर प्राइवेट संस्थानों व सेक्टरों में भी अनिवार्य रूप से लागू किया जाए।

🌾 बुधनी के आदिवासियों के विस्थापन और खाद किल्लत पर भी सरकार को घेरा

प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. मनोज यादव ने बुधनी के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों को वनभूमि से हटाए जाने के मामले पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि 12 साल से अधिक समय तक काबिज रहने वाले परिवारों को पट्टा देने का नियम है, लेकिन सरकार आदिवासियों के घर उजाड़ रही है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे तब पट्टे क्यों नहीं दिए गए, और आज जब वे कृषि मंत्री हैं तब भी प्रदेश का किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होने को विवश है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.