Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Intercaste Marriage Controversy: समाज के गुस्से और प्रतिष्ठा के डर से पिता ने किया जीवित बेटी का अंत... UP News: 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते' के मंत्र से समृद्ध हो रहा यूपी, सीएम योगी ने गिनाईं महिला सशक्ती... Noida Extension Traffic Jam: गौर सिटी गोलचक्कर और एक मूर्ति चौक पर रेंगते नजर आए वाहन, स्थानीय लोग प... UGC Equity Regulation 2026: बीजेपी नेता राजेश मिश्रा ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग, बत... Maharashtra Murder Mystery: इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम नाइक की सनसनीखेज हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार Tushar Gandhi Detained: अगस्त क्रांति मैदान जा रहे तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने रोका, अभिनेता इमरान... Dhamtari Social Service: जिनकी पहचान नहीं, उनके अपने बने लोग, 717 अज्ञात शवों के निमित्त हुआ विधि-वि... Durg Cyber Crime: मतदाता सूची (SIR) सुधार के नाम पर भिलाई में साइबर ठगी, निजी कंपनी अधिकारी से 6.25 ... Bastar Dussehra 2026: काछनगादी रस्म के साथ शुरू हुआ बस्तर दशहरा, कांटों के झूले पर बैठीं देवी से मिल... Kanker Navratri 2026: कांकेर में रास गरबा की भव्य तैयारी, नए कम्युनिटी हॉल में सजेगा 9 दिवसीय उत्सव

UGC Equity Regulation 2026: बीजेपी नेता राजेश मिश्रा ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग, बताया अप्रासंगिक

2

देशभर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने खुलकर यूजीसी से इन नए दिशा-निर्देशों और नियमों को पूरी तरह वापस लेने (Roll Back) की मांग की है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मांग से उनकी पार्टी के कई नेता असहमत हो सकते हैं, लेकिन उनका स्पष्ट मानना है कि वर्तमान स्वरूप में यह कानून उच्च शिक्षा और समाज दोनों के लिए ही अप्रासंगिक और नुकसानदायक है।

🚫 “जाति की राजनीति समाज को कर रही है कमजोर”: पूर्व सांसद ने नियमों पर उठाए सवाल

बीजेपी नेता राजेश मिश्रा का कहना है कि इस तरह के नियम समाज में अनावश्यक रूप से जातिवाद और भेदभाव की राजनीति को बढ़ावा देते हैं, जो कि किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने अपनी ही पार्टी की लाइन से हटकर कहा कि यह कहना कि केवल दलितों या पिछड़ों के साथ ही अन्याय हुआ है, समाज के ताने-बाने को बांटने जैसा है। गौरतलब है कि यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षण संस्थानों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ भेदभाव रोकने के लिए इक्वल अपॉर्चुनिटी सेंटर और 24/7 हेल्पलाइन जैसे कड़े प्रावधानों वाले नए नियम अधिसूचित किए थे, जिसके तहत नियमों का पालन न करने पर मान्यता रद्द करने तक का नियम है।

🗳️ यूपी कांग्रेस पर तंज: आराधना मिश्रा, इमरान मसूद और राजेंद्र पाल गौतम पर साधा निशाना

इस दौरान राजेश मिश्रा ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीतियों और नियुक्तियों पर भी तीखा हमला बोला। कांग्रेस द्वारा प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाए जाने और इमरान मसूद तथा राजेंद्र पाल गौतम की सक्रियता पर उन्होंने कहा कि इन नेताओं का अपने क्षेत्र से बाहर कोई खास जनाधार या प्रदेश स्तर पर स्वीकार्यता नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर पुराने ‘बीडीएम’ (ब्राह्मण-दलित-मुस्लिम) समीकरण और कमजोर चेहरों के सहारे वापसी का सपना देख रही है, लेकिन ऐसे नेताओं के साथ उनकी अपनी जाति के लोग भी खड़े नहीं होते।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.