Gumla Simdega Bandh Update: केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के आह्वान पर दुकानें बंद, एनएच-143 पर लगा लंबा जाम
झारखंड में ओबीसी समाज द्वारा आरक्षण की बहाली और जनगणना में अलग से कॉलम शामिल किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को पांच प्रमुख जिलों—सिमडेगा, गुमला, खूंटी, रांची और लोहरदगा में बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का सबसे अधिक और व्यापक असर गुमला और सिमडेगा जिलों में देखने को मिल रहा है। सुबह से ही भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह चक्काजाम कर दिया, जिसके कारण मुख्य मार्गों पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है और आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
🔥 मशाल जुलूस और पुतला दहन के साथ किया गया था प्रदर्शन: 7 जिलों में रोस्टर के तहत आरक्षण शून्य करने का विरोध
इससे पहले केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को विभिन्न मांगों और ओबीसी अधिकारों के समर्थन में जिला मुख्यालयों में जोरदार मशाल जुलूस निकाला गया था और पुतला दहन किया गया था। समिति का मुख्य आरोप है कि राज्य के 7 जिलों में रोस्टर प्रणाली के तहत आरक्षण को शून्य कर दिया गया है और आगामी जनगणना में पिछड़ा वर्ग का कोई अलग कॉलम नहीं रखा गया है, जिसका कड़ा विरोध किया जा रहा है। समिति का कहना है कि ओबीसी वर्ग को नौकरियों, राजनीति और पेसा कानून के तहत उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिल रहे हैं, जिसके लिए यह चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है।
🛣️ सिमडेगा में एनएच-143 रहा तीन घंटे जाम: जिला अध्यक्ष रामजी यादव के नेतृत्व में प्रदर्शन, सरकार को दी चेतावनी
सिमडेगा जिले में भी बंद का व्यापक प्रभाव देखने को मिला, जहाँ जिला मुख्यालय से लेकर विभिन्न प्रखंडों तक दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और यात्री बसों के पहिए थम गए। अहले सुबह ही समिति के जिला अध्यक्ष रामजी यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता एनएच-143 पर उतर आए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया, जिससे करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। हालांकि, सूचना मिलते ही स्थानीय थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
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