Ranchi Police Headquarters: नक्सलियों से लूटे हथियारों का बनेगा डेटाबेस, आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की भी होगी समीक्षा
झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक चले सफल अभियानों के बाद, अब राज्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेष पुलिस इकाई ‘झारखंड जगुआर’ (STF) को भविष्य की सुरक्षा जरूरतों और चुनौतियों के मुताबिक ढालने की तैयारी शुरू हो चुकी है। नक्सल विरोधी अभियानों में शानदार सफलता हासिल करने के बाद अब यह अहम सवाल सामने है कि भविष्य में जगुआर की भूमिका क्या होगी और इसका उपयोग किस प्रकार किया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय स्तर पर झारखंड जगुआर के पुनर्गठन का एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
📅 8 अक्टूबर को होगी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: आईजी अभियान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगा मंथन
इस बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर आगामी बुधवार यानी 8 अक्टूबर को झारखंड पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। आईजी अभियान की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस बैठक में झारखंड जगुआर के पुनर्गठन को मुख्य एजेंडा बनाया गया है। पुलिस विभाग के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को पुनर्गठन से जुड़ी सभी जरूरी तैयारियों और रिपोर्ट के साथ इस बैठक में शामिल होने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा सके।
📊 आईआरबी का पुनर्गठन और नक्सलियों से लूटे गए हथियारों का बनेगा डेटाबेस: आत्मसमर्पित नक्सलियों के मामलों की भी होगी समीक्षा
झारखंड जगुआर के अलावा इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के पुनर्गठन को भी इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल किया गया है। बदलती परिस्थितियों में किस बल की तैनाती कहाँ और कैसे हो, इस पर निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही, बैठक में नक्सलियों द्वारा पुलिस से लूटे गए और सुरक्षा बलों द्वारा बरामद किए गए हथियारों का डेटाबेस तैयार करने की प्रगति की समीक्षा होगी। साथ ही, आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले लाभ के लंबित मामलों और कुख्यात गिरफ्तार नक्सलियों के खिलाफ चल रहे मामलों में स्पीडी ट्रायल की भी गहन समीक्षा की जाएगी।
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