Jalandhar News: जालंधर नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स पर बड़ा एक्शन, अब तक ₹34 करोड़ की वसूली; डिफॉल्टर्स पर नकेल
जालंधर (पंजाब): नगर निगम कमिश्नर सुरिंद्र सिंह के कड़े निर्देशों के बाद नगर निगम प्रशासन ने शहर में प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है।
राजस्व संग्रह बढ़ाने के उद्देश्य से सार्वजनिक अवकाश के बावजूद शनिवार और रविवार को भी निगम के सुविधा केंद्र और कैश काउंटर खुले रखे गए, ताकि करदाता आसानी से अपना बकाया टैक्स जमा करवा सकें।
निगम की इस विशेष व्यवस्था का व्यापक असर देखने को मिला और महज 3 दिनों के भीतर नगर निगम के खजाने में करीब 3.50 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ। वहीं, कार्यदिवस के पहले दिन यानी सोमवार को भी अकेले एक ही दिन में रिकॉर्ड 1.75 करोड़ रुपये की टैक्स वसूली दर्ज की गई।
📊 अब तक 34 करोड़ रुपये की कुल रिकवरी: डिजिटल प्लेट नंबरों से तैयार हुआ पुख्ता डेटाबेस
टैक्स वसूली का आंकड़ा और प्रशासनिक रणनीति:
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34 करोड़ का आंकड़ा पार: नगर निगम के अधिकारियों द्वारा तैयार की गई सुनियोजित कार्ययोजना के चलते प्रॉपर्टी टैक्स विभाग अब तक चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 34 करोड़ रुपये की सफल वसूली कर चुका है।
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प्लेट नंबरों से ट्रैकिंग आसान: विभाग के अनुसार, शहर भर में रिहायशी मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगाए गए यूनिक प्लेट नंबरों (UID) के कारण अब अधिकांश संपत्तियों का पुख्ता व सटीक डिजिटल रिकॉर्ड निगम के डेटाबेस में दर्ज हो चुका है।
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अक्टूबर में चलेगा डंडा: इस तैयार रिकॉर्ड के आधार पर विभाग उन सभी करदाताओं की सूची तैयार कर रहा है, जिन्होंने बार-बार नोटिस जारी होने के बावजूद टैक्स अदा नहीं किया है। अक्टूबर माह की शुरुआत से ही ऐसे सभी डिफॉल्टर्स पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
💰 30 सितंबर तक मिलेगा 10% रिबेट का लाभ: अंतिम तारीख के बाद खत्म होगी छूट
करदाताओं के लिए विशेष छूट और समय सीमा:
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10 प्रतिशत की भारी छूट: निगम अधिकारियों ने शहरवासियों को स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक चालू वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स एकमुश्त जमा करवाने वालों को नियमानुसार 10 प्रतिशत की विशेष छूट (रिबेट) दी जा रही है।
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समय सीमा के बाद जुर्माना: 30 सितंबर की समय सीमा समाप्त होते ही 10% रिबेट का यह लाभ पूरी तरह बंद हो जाएगा और उसके बाद टैक्स की मूल राशि पर ब्याज व नियमानुसार भारी पेनल्टी लागू होगी।
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डिफॉल्टर्स के लिए सख्त संदेश: जिन लोगों ने लंबे समय से टैक्स दबा रखा है, उन्हें तुरंत इस छूट का लाभ उठाकर अपने खाते क्लियर करने की सलाह दी गई है।
🔒 डिफॉल्टर्स पर लटकेगी सीलिंग की तलवार: फील्ड में उतरी सुपरिंटेंडेंट्स की विशेष टीमें
फील्ड स्तर पर जांच और दंडात्मक कार्रवाई:
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प्रॉपर्टी सीलिंग के सख्त आदेश: कमिश्नर के दिशा-निर्देशों के तहत तय समय में टैक्स न भरने वाले बड़े बकायेदारों की संपत्तियों (कमर्शियल व इंडस्ट्रियल यूनिट्स) को सील करने और बैंक खाते अटैच करने जैसी कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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अधिकारियों की फील्ड में तैनाती: प्रॉपर्टी टैक्स विभाग के सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन, भुपिंदर सिंह और राजीव ऋषि के नेतृत्व में गठित विभागीय टीमें लगातार फील्ड में उतरकर औचक जांच और स्पॉट रिकवरी कर रही हैं।
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नागरिकों से अपील: नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों से किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई और सीलिंग की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए समय रहते टैक्स जमा करवाकर शहर के विकास में भागीदार बनने की अपील की है।
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