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PVR INOX Cashless Controversy: सिनेमा हॉल में सिर्फ यूपीआई पेमेंट और कैश न लेने के नियम पर विवाद, वकील ने मांगी सफाई

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अहमदाबाद के एक वकील उत्कर्ष दवे ने पेमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद PVR INOX लिमिटेड को एक कानूनी नोटिस भेजा है. उनका आरोप था कि जब वे 13 सितंबर को पैलेडियम मॉल स्थित सिनेमा कॉम्प्लेक्स गए, तो वहां टिकट और फूड काउंटर पर कैश लेने से साफ इनकार कर दिया गया और उन्हें केवल UPI के जरिए ही भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया. इस मामले ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या कोई कमर्शियल बिजनेस लीगल टेंडर यानी कैश लेने से मना कर सकता है.

⚖️ 2. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट और कंज्यूमर प्रोटेक्शन का दिया हवाला, पहले से जानकारी न देने पर उठाए गंभीर सवाल

अपने कानूनी नोटिस में वकील ने RBI एक्ट, 1934 की धारा 26(1) का हवाला देते हुए तर्क दिया है कि आरबीआई द्वारा जारी बैंकनोट लीगल टेंडर हैं. साथ ही यह भी सवाल पूछा गया है कि क्या PVR INOX ने अपनी इस ‘कैशलेस’ पॉलिसी की जानकारी ग्राहकों को पहले से दी थी या नहीं. नोटिस में उन लिखित निर्देशों की कॉपी भी मांगी गई है, जिसके तहत स्टाफ को काउंटर पर कैश न लेने के आदेश दिए गए थे. इसके अलावा उन ग्राहकों की समस्या पर भी चिंता जताई गई है जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है.

🏢 3. जानकारों के मुताबिक बिजनेस तय कर सकते हैं अपनी शर्तें, लेकिन ग्राहकों को एडवांस में स्पष्ट जानकारी देना है जरूरी

दूसरी ओर, कानूनी जानकारों का कहना है कि कोई भी प्राइवेट बिजनेस लागू कानूनों के दायरे में रहते हुए अपनी सर्विस और पेमेंट की शर्तें तय करने के लिए स्वतंत्र होता है. कई बार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना उनके ऑपरेशनल सिस्टम का हिस्सा होता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि यदि कोई बिजनेस ‘कैशलेस’ पॉलिसी अपनाता है, तो इसकी साफ और स्पष्ट जानकारी ग्राहकों को एडवांस में दी जानी चाहिए ताकि काउंटर पर पहुंचने वाले लोगों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

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