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Vellore Church Collapse: वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत गिरने से 3 मजदूरों की मौत, 14 घायल; NDRF का रेस्क्यू जारी

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वेल्लोर (तमिलनाडु): जिले के थिरुवलम क्षेत्र अंतर्गत मंजुकृष्णपुरम में गुरुवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा घटित हो गया। यहाँ स्थित निर्माणाधीन ‘सीएसआई जायन हिल चर्च’ (CSI Zion Hill Church) की छत का ढांचा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस भीषण दुर्घटना में तीन श्रमिकों की जान चली गई, जबकि 14 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन दलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया।

🏗️ कंक्रीट ढलाई के दौरान हुआ हादसा: मलबे में दब गए कई कामगार

हादसे का समय और प्रत्यक्षदर्शी विवरण:

  • शाम के समय हादसा: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम लगभग 4:30 बजे चर्च की ऊपरी छत पर भारी कंक्रीट डालने (लेंटर ढलाई) का कार्य चल रहा था।

  • अचानक गिरा ढांचा: कंक्रीट के अत्यधिक भार अथवा कमजोर शटरिंग के चलते निर्माणाधीन स्लैब अचानक बैठ गया और पूरा ढांचा सीधे नीचे आ गिरा।

  • मलबे में दबे मजदूर: कार्य में जुटे कई मजदूर भारी कंक्रीट, लोहे के सरियों और मलबे के नीचे दब गए।

  • फायर ब्रिगेड की तत्परता: सूचना मिलते ही थिरुवलम थाना पुलिस तथा काटपाडी अग्निशमन एवं बचाव सेवा की टुकड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का कार्य प्रारंभ किया।

⚰️ ठेकेदार समेत 3 कामगारों की मौत: 4 की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती

मृतकों और घायलों का विवरण:

  • मृतकों की पहचान: इस हादसे में जान गंवाने वालों में बेंगलुरु निवासी भवन निर्माण ठेकेदार जॉन (39), आंध्र प्रदेश निवासी इमैनुअल (45) और सैमुअल (45) शामिल हैं।

  • अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम: इमैनुअल ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा, जबकि सैमुअल का शव राहत दल ने मलबे के नीचे से बरामद किया।

  • गंभीर घायल: गंभीर रूप से घायल चार मजदूरों को अडुक्कम्पराई स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल और वेल्लोर के प्रतिष्ठित सीएमसी (CMC) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • प्राथमिक उपचार: इसके अतिरिक्त लगभग 10 अन्य कामगारों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

🐕 NDRF की 30 सदस्यीय टीम तैनात: खोजी कुत्तों और अंतरराज्यीय पुलिस का सहयोग

बचाव अभियान और तकनीकी सहायता:

  • एनडीआरएफ का मोर्चा: मलबे के भीतर किसी अन्य श्रमिक के दबे होने की आशंका को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 30 सदस्यीय विशेष टीम को बुलाया गया।

  • स्निफर डॉग्स की मदद: मलबे में जीवन की तलाश के लिए अरक्कोनम यूनिट से चार प्रशिक्षित खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) की मदद ली गई।

  • आंध्र पुलिस का साथ: चूंकि दुर्घटनास्थल आंध्र प्रदेश की सीमा के निकट स्थित है, इसलिए पड़ोसी राज्य की पुलिस टीमों ने भी राहत और समन्वय कार्यों में सक्रिय सहयोग दिया।

🍲 बिरयानी खाने बाहर गए थे मजदूर: समय रहते टला और भी बड़ा नुकसान

श्रमिकों की सूझबूझ और किस्मत:

  • खाने के लिए निकले मजदूर: सूत्रों के अनुसार, छत पर कंक्रीट डालने के उपलक्ष्य में पास ही भोजन (बिरयानी) का प्रबंध किया गया था।

  • सुरक्षित बचे कामगार: काम के बीच कई मजदूर भोजन करने के लिए इमारत से बाहर निकल आए थे।

  • बड़ा हादसा टला: हादसे के क्षण इमारत के अंदर कामगारों की संख्या कम होने की वजह से जनहानि सीमित रही; अन्यथा उस समय यदि सभी मजदूर अंदर होते तो स्थिति अत्यंत विकराल हो सकती थी।

⚖️ प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण: निर्माण गुणवत्ता की जांच के आदेश

प्रशासनिक कदम और विधिक कार्रवाई:

  • उच्चाधिकारियों का दौरा: वेल्लोर की जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स, रानीपेट के पुलिस अधीक्षक पी. सिबिन और काटपाडी विधायक डॉ. एम. सुधाकर ने घटनास्थल का संयुक्त मुआयना किया।

  • जांच के सख्त निर्देश: जिला कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग और पुलिस को निर्माण सामग्री, संरचनात्मक डिजाइन और सुरक्षा मानकों की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं।

  • मुकदमा दर्ज: थिरुवलम पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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