मोहला (छत्तीसगढ़): बेटे के लिए कमल का फूल लाने की एक छोटी-सी इच्छा एक पिता की जान पर भारी पड़ गई। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम डुमरटोला में गुरुवार सुबह तालाब से कमल का फूल तोड़ने उतरे 45 वर्षीय भुनेश्वर श्रीवास की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, पानी के भीतर फैली कमल की मजबूत जड़ों और दलदली गाद में पैर बुरी तरह उलझ जाने के कारण वह चाहकर भी बाहर नहीं निकल सके और गहरे पानी में समा गए।
🪷 15 वर्षीय बेटे ने की थी फूल लाने की जिद: तालाब में उतरते ही हुआ दर्दनाक हादसा
घटना की पृष्ठभूमि और विस्तृत विवरण:
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निवासी पृष्ठभूमि: भुनेश्वर श्रीवास मूल रूप से हालमीटोला के निवासी थे और वर्तमान समय में मोहला में सपरिवार निवासरत थे।
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सुबह की घटना: गुरुवार सुबह लगभग 9 बजे वह डुमरटोला स्थित बड़े तालाब के पास पहुंचे थे।
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बेटे की ख्वाहिश: परिजनों के मुताबिक उनके 15 वर्षीय बेटे ने कमल का फूल लाने का आग्रह किया था। पुत्र मोह में उसकी इसी इच्छा को पूरा करने के लिए वे बिना गहराई का अंदाजा लगाए तालाब में उतर गए थे।
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गाद में फंसा पैर: जैसे ही वे फूल तोड़ने के लिए गहराई की ओर बढ़े, उनका पैर तलहटी में मौजूद गाद और बेलों में जकड़ गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा घटित हो गया।
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