Chandigarh Mohali Kisan Protest: संयुक्त किसान मोर्चा के धरने का चौथा दिन, लक्खोवाल ने दिया आज शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम
पंजाब डेस्क: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 1 सितंबर से चंडीगढ़ और मोहाली की सीमाओं पर शुरू हुआ किसानों का पक्का मोर्चा दिन-ब-दिन और अधिक व्यापक रूप लेता जा रहा है।
आज इस बड़े विरोध-प्रदर्शन का चौथा दिन है। पंजाब भर के विभिन्न जिलों से लगातार भारी तादाद में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और राशन के साथ धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। किसान नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में आंदोलनकारियों की यह संख्या कई गुना और बढ़ने वाली है।
👮♂️ डीआईजी और एसएसपी ने की किसान नेताओं से मुलाकात: तीसरे दिन हुई प्रशासनिक वार्ता
प्रशासनिक पहल और अधिकारियों के साथ चर्चा:
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अधिकारियों की मौजूदगी: धरने के तीसरे दिन चंडीगढ़ और पंजाब (मोहाली) पुलिस प्रशासन की ओर से चंडीगढ़ के डीआईजी नानक सिंह और मोहाली के एसएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा स्थल पर पहुंचकर किसान नेताओं के साथ बैठक की।
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शांति व्यवस्था पर चर्चा: प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन के आवागमन को बाधित न करने की अपील की।
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किसानों का रुख: किसान प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी लंबित मांगों को पुरजोर तरीके से रखा और शासन स्तर से ठोस समाधान निकालने की मांग दोहराई।
⏳ ‘सिर्फ 7 दिन बिताने नहीं आए, मांगें पूरी होने तक डटे रहेंगे’: सरकार को शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम
किसान नेता हरिंदर सिंह लक्खोवाल का कड़ा बयान:
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लंबे संघर्ष का ऐलान: संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि वे यहां केवल 7 दिन का समय बिताकर खाली हाथ लौटने के लिए नहीं बैठे हैं; जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे धरना स्थल से एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
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वार्ता के लिए समय-सीमा: किसान नेताओं ने शासन को आज शाम 4:00 बजे तक किसी अधिकार-संपन्न और सक्षम उच्चाधिकारी के साथ आधिकारिक बैठक तय करने का समय दिया है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शाम 4 बजे तक सरकार की ओर से सार्थक समाधान नहीं निकला, तो एसकेएम शाम 5:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अगले बड़े और निर्णायक एक्शन का ऐलान करेगा।
🕊️ शांतिपूर्ण मार्च और अनुशासित रहेगा अगला कदम: टकराव की नीति से किया इनकार
आंदोलन की रणनीति और शांति की अपील:
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अहिंसक विरोध: लक्खोवाल ने दोहराया कि किसानों का अगला जो भी कदम, मार्च या रणनीति तय होगी, वह पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण दायरे में होगी।
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टकराव से दूरी: उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी प्रकार की टकराव या अराजकता की नीति में विश्वास नहीं रखता, बल्कि शांतिपूर्वक अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहता है।
🌾 पंजाब भर के किसानों से मोर्चे में जुटने का आह्वान: सब्र का इम्तिहान न ले सरकार
किसानों की लामबंदी और एकजुटता का संदेश:
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अधिक से अधिक भागीदारी की अपील: किसान नेतृत्व ने पंजाब के समस्त किसान भाइयों, नौजवानों और मजदूर वर्ग से अपील की है कि वे चंडीगढ़-मोहाली में चल रहे इस मोर्चे में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे शक्ति प्रदान करें।
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सब्र का इम्तिहान न ले सरकार: उन्होंने सरकार को आगाह किया कि किसानों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर उनके धैर्य की परीक्षा न ली जाए; जब तक मांगों का सम्मानजनक हल नहीं निकलता, तब तक यह साझा संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
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