Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court Hearing on SIR: चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) फैसलों पर टली सुप्रीम कोर्ट की... Greater Noida Robotics Park: उत्तर प्रदेश में बनेगा देश का पहला 'प्रगति' रोबोटिक्स पार्क, योगी सरकार... Delhi High Court Notice: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR पर दिल्ली HC का नोटिस, पत्... Diwali and Chhath Puja Health Tips: दिवाली और छठ की व्यस्तता में सेहत का ऐसे रखें ख्याल, थकान और तना... डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में दी डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को चुनौती, पत्रकारिता प... Delhi Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में 1 नवंबर को होगी इंडिया गठबंधन की महारैली, 10 लाख लोगों के जुट... Flex-Fuel Vehicles in India: केंद्र सरकार का बड़ा कदम, 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को मंजूरी; नि... Jan Suraaj Digital Manager Death: प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को बड़ा झटका, डिजिटल मैनेजर देवपा... Ujjain News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया सिंहस्थ 2028 की 539 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन,... Rajasthan Drought News: राजस्थान में सूखे की मार, 14 जिलों की 80 तहसीलें घोषित हुईं गंभीर और मध्यम स...

कनॉट प्लेस इनर सर्किल फिर होगा वाहनमुक्त? NDMC ने जनता से मांगे सुझाव, जानिए प्लान

17

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) को लेकर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) एक बार फिर महत्वाकांक्षी योजना पर विचार कर रही है।

इस बार पालिका परिषद ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल को पूरी तरह से वाहनों से मुक्त (नो-व्हीकल जोन) करने की संभावना पर नागरिकों से सीधी राय मांगी है। NDMC के चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपने सुझाव साझा करने की अपील की है। उन्होंने जनता से पूछा है कि क्या इनर सर्किल को पूरी तरह से पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए, जिससे लोग बिना किसी ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के आराम से सैर-सपाटा कर सकें। इसके साथ ही नो-व्हीकल जोन के समय और वीकेंड की विशेष व्यवस्था को लेकर भी राय मांगी गई है।

⏰ पूरे दिन या तय घंटों के लिए नो-व्हीकल जोन? NDMC ने रखे कई विकल्प

समय-सीमा और मौसम के अनुसार प्रस्तावित प्रारूप:

  • मौसम के अनुसार समय निर्धारण: NDMC ने आमजन के समक्ष गर्मियों में शाम 6:00 बजे से रात 12:00 बजे तक तथा सर्दियों के मौसम में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक इनर सर्किल को वाहनमुक्त रखने का विकल्प रखा है।

  • पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध: जनता से यह भी पूछा गया है कि क्या इस व्यवस्था को चौबीसों घंटे लागू किया जाए अथवा सिर्फ निर्धारित घंटों के लिए ही गाड़ियों का प्रवेश रोका जाए।

  • वीकेंड पर विशेष व्यवस्था: शनिवार और रविवार (वीकेंड) के दौरान बाजार में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए नो-व्हीकल जोन की समय-सीमा अलग रखने पर भी राय मांगी जा रही है।

🎨 सेंट्रल पार्क और इनर सर्किल में क्या होगा खास? सांस्कृतिक गतिविधियों का बनेगा केंद्र

परियोजना के तहत प्रस्तावित जन-गतिविधियां:

  • सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रम: वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद इनर सर्किल की सड़कों और सेंट्रल पार्क में लाइव म्यूजिक, स्ट्रीट थियेटर, नुक्कड़ नाटक और हेरिटेज वॉक जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

  • कला और योग का संगम: खुले स्थानों पर कला प्रदर्शनियां, सुबह-शाम योग सत्र और बच्चों के लिए मनोरंजक खेल-कूद की व्यवस्था की जाएगी।

  • आधुनिक पब्लिक स्पेस का रूप: इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य कनॉट प्लेस को केवल एक कमर्शियल और शॉपिंग मार्केट तक सीमित न रखकर इसे एक जीवंत और सुरक्षित सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है।

🔄 पहले भी हो चुके हैं कई ट्रायल: व्यापारियों की आपत्तियां बनी थीं मुख्य बाधा

अतीत के अनुभव और व्यापारियों की चिंताएं:

  • पूर्व के प्रयास: कनॉट प्लेस को पेडेस्ट्रियन-फ्रेंडली (पैदल अनुकूल) बनाने की यह कोशिश पहली बार नहीं हो रही है। NDMC ने पहले भी कई मौकों पर नो-व्हीकल जोन के ट्रायल किए थे।

  • स्थायी रूप न मिलने का कारण: पूर्व में व्यापारियों और दुकानदारों के कड़े विरोध के कारण यह व्यवस्था लंबे समय तक टिक नहीं सकी थी।

  • व्यापार प्रभावित होने की आशंका: स्थानीय ट्रेडर्स एसोसिएशन को हमेशा से यह डर रहता है कि यदि ग्राहकों की गाड़ियां दुकानों के मुहाने तक नहीं पहुंचेंगी, तो उनके रिटेल कारोबार और बिक्री पर भारी विपरीत असर पड़ सकता है।

🅿️ पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती: आपातकालीन सेवाओं पर भी नजर

योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अहम बिंदु:

  • आउटर सर्किल पर ट्रैफिक का दबाव: यदि इनर सर्किल में वाहनों की एंट्री रोकी जाती है, तो मिडल और आउटर सर्किल की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगने का गंभीर जोखिम रहेगा।

  • पिक-अप व ड्रॉप प्वाइंट्स: टैक्सियों, कैब और ऑटो-रिक्शा के लिए व्यवस्थित पिक-अप और ड्रॉपिंग जोन तय करने होंगे ताकि मुख्य मार्गों पर अव्यवस्था न फैले।

  • आपातकालीन और दिव्यांगजनों की सुविधा: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए कॉरिडोर खुला रखना होगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए गोल्फ कार्ट अथवा बैटरी चालित वाहनों की सुगम व्यवस्था करना अनिवार्य होगा।

🤝 व्यापारियों और हितधारकों की राय से तय होगी रूपरेखा: सीमित अवधि के ट्रायल की तैयारी

अंतिम निर्णय से पहले की प्रक्रिया:

  • व्यापक जन-संवाद: NDMC इस बार किसी भी निर्णय को जबरन थोपने के बजाय स्थानीय व्यापारियों, मार्केट एसोसिएशनों, सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के साथ विस्तृत विमर्श के बाद ही कदम उठाएगी।

  • सीमित अवधि का पायलट प्रोजेक्ट: सभी पक्षों के सुझावों के आधार पर पहले कुछ दिनों का सीमित ट्रायल किया जाएगा।

  • प्रभाव का समग्र आकलन: ट्रायल के दौरान फुटफॉल (पैदल चलने वालों की तादाद), दुकानों की बिक्री, पार्किंग उपलब्धता और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक के असर का वैज्ञानिक रूप से डेटा एकत्र किया जाएगा। इन सभी रिपोर्टों की समीक्षा के उपरांत ही इनर सर्किल को वाहनमुक्त करने का अंतिम विधिक फैसला लिया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.