Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
US Stance on India Internal Matters: भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से अमेरिका का इनकार, अमेरिकी... Delhi High Court Observation: 'आप लोग जेन-जी नहीं हैं...' कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ताओं पर कोर्ट ... Tiger Shroff Attack Case Update: टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश का बड़ा खुलासा, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के... Smriti Irani Attacks Rahul Gandhi: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, महिला पुलिस अफसर के साथ... Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi: परिसीमन और संविधान संशोधन को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मो... UP Congress Press Conference: यूपी कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला बड़ा हमला, एसआईआर प्रक्रिया में गड... Akhilesh Yadav Warning to Officers: राजनीतिक कार्यकर्ता बनकर काम करने वाले अधिकारियों को जेल जाने की... Supaul News: बिहार के सुपौल में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली महिला की ... Haridwar Ganga Canal Cleaning News: हरिद्वार में हर की पैड़ी पर सूखी गंगा की धारा, मरम्मत और सफाई के... मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने दिए आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के निर्देश, सोसाइटी के माध्यम ...

पंजाब वोटर लिस्ट से कटा सांसद राघव चड्ढा का नाम: नाम के आगे दर्ज हुआ ‘परमानेंटली शिफ्टेड’, AAP सरकार पर साधा निशाना

16

चंडीगढ़ (पंजाब): चुनाव आयोग की ओर से पंजाब में चलाए जा रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटा दिया गया है।

13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनके नाम के आगे ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (Permanently Shifted) दर्ज किया गया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत पंजाब भर में अब तक कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए जा चुके हैं, जो कि पुनरीक्षण प्रक्रिया से पहले राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 9.7 प्रतिशत है।

📅 12 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि: फॉर्म 6 से जुड़ेगा नाम

चुनाव आयोग की समय सीमा और प्रक्रिया:

  • दावे और आपत्तियां जारी: ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद विलोपन या सुधार को लेकर दावे व आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है।

  • अंतिम तिथि: जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके पास 12 सितंबर 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्ति या दावा प्रस्तुत करने का अवसर है।

  • फॉर्म 6 का विकल्प: इस निर्धारित समयावधि के भीतर संबंधित मतदाता फॉर्म 6 भरकर पुनः अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

⚔️ ‘यह क्लर्क की भूल नहीं, सीधा राजनीतिक बदला’: राघव चड्ढा का सोशल मीडिया पर हमला

राघव चड्ढा का आधिकारिक वक्तव्य:

  • मोहाली में था पंजीकरण: राघव चड्ढा ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि वे पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका आधिकारिक वोटर पहचान पत्र मोहाली, पंजाब में पंजीकृत है।

  • ड्राफ्ट का हवाला: उन्होंने कहा कि यह केवल एक ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची नहीं। सुधार प्रक्रिया के उपरांत अंतिम मतदाता सूची अक्टूबर 2026 में प्रकाशित की जाएगी।

  • बदले की भावना का आरोप: उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह कोई सामान्य लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) नहीं है, बल्कि साफ तौर पर राजनीतिक दुर्भावना और बदले की भावना से उठाया गया कदम है।

🏛️ ‘अधिकारियों पर दबाव बनाती है AAP सरकार’: प्रशासनिक तंत्र पर उठाए सवाल

प्रशासनिक संरचना और निष्पक्षता पर आरोप:

  • अधिकारियों का नियंत्रण: राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) से लेकर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) तक सभी राज्य कैडर के ही प्रशासनिक अधिकारी होते हैं।

  • दबाव की राजनीति: उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ज्ञात रहता है कि चुनाव ड्यूटी समाप्त होते ही उनके स्थानांतरण, पदस्थापना और करियर का नियंत्रण राज्य सरकार के हाथ में रहता है। इसी प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रतिशोध साधा जा रहा है।

📜 SIR गाइडलाइंस के पैराग्राफ 4(d) का उल्लंघन: जनप्रतिनिधियों के लिए तय नियम

दिशानिर्देश और वैधानिक प्रावधान:

  • प्रोटेक्टेड लिस्ट का नियम: आयोग के दिशानिर्देशों का पैराग्राफ 4(d) न्यायिक अधिकारियों, जन-प्रतिनिधियों (सांसदों/विधायकों) और कला, संस्कृति, खेल व सार्वजनिक जीवन की प्रतिष्ठित हस्तियों के लिए एक संरक्षित सूची (Protected List) का प्रावधान करता है।

  • पहचान और समावेशन: इस नियम के तहत ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों के नामों को चुनावी डेटाबेस में पहले से चिन्हित कर ड्राफ्ट सूची में अनिवार्य रूप से शामिल रखा जाना चाहिए, ताकि दावे-आपत्ति के दौरान अपेक्षित प्रक्रिया पूरी की जा सके।

  • जानबूझकर उल्लंघन का दावा: उन्होंने सवाल किया कि एक मौजूदा सांसद होने के बावजूद इस स्पष्ट नियम का उल्लंघन कर उनका नाम हटाया जाना व्यवस्था की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

🔄 राजनीतिक पृष्ठभूमि: अप्रैल 2026 में बदला था राजनीतिक दल

राघव चड्ढा का संसदीय सफर:

  • 2022 में बने थे सांसद: राघव चड्ढा वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर पंजाब से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे।

  • पार्टी परिवर्तन: इसके बाद अप्रैल 2026 में वे आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए थे।

  • स्वामित्व पर तंज: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि भले ही राज्य में AAP की सरकार हो, लेकिन पंजाब की मतदाता सूची किसी दल की निजी जागीर नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.