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जनकपुर में रिहायशी इलाके में पहुंचा जंगली भालू: कृषि कार्यालय और एकलव्य स्कूल के पास मूवमेंट, वन विभाग लगाएगा पिंजरा

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़): भरतपुर ब्लॉक मुख्यालय के जनकपुर बस्ती क्षेत्र में जंगली भालू की लगातार मौजूदगी से नागरिकों और श्रद्धालुओं में भय का माहौल बना हुआ है।

बनास नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध कैलाश मंदिर के आसपास इन दिनों एक जंगली भालू नियमित रूप से देखा जा रहा है। सावन के पवित्र महीने में इस मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त मंदिर के ठीक पास एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और कृषि विभाग का संभागीय कार्यालय भी संचालित है, जिससे क्षेत्र में आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं।

⏰ रोज शाम और सुबह पहुंचता है भालू, वीडियो बनाने और खाना खिलाने की मची होड़

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार भालू के आने का समय लगभग तय हो चुका है:

  • समय और मूवमेंट: भालू प्रतिदिन शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच मंदिर परिसर, कृषि कार्यालय और मुख्य मार्ग के पास पहुंचता है तथा कई बार सुबह भी बैठा दिखाई देता है।

  • लापरवाही और भीड़: भालू को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्रित हो रहे हैं। कई युवा फोटो और वीडियो बनाने के लिए भालू के बेहद करीब जा रहे हैं।

  • भोजन देने का जोखिम: कुछ लोग भालू को खाने-पीने की चीजें भी परोस रहे हैं, जो वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को बिगाड़ सकता है।

  • अधिकारी का बयान: कृषि विभाग के प्रभारी अधिकारी इंद्रपाल वास्कले ने बताया कि भालू प्रतिदिन कार्यालय और मंदिर के पास बैठता है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है और पिंजरा लगाकर उसे रेस्क्यू करने की योजना बना रही है।

🚶‍♂️ डर के मारे वापस लौट रहे नागरिक, दैनिक कामकाज प्रभावित

भालू की खुलेआम मौजूदगी से कार्यालय आने वाले लोगों में भारी खौफ है:

  • काम पर असर: कृषि विभाग में शासकीय कार्य से पहुंचे विजेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि मंदिर के पास खुले में भालू को बैठा देखकर वे भयभीत हो गए और बिना काम कराए उल्टे पांव वापस लौट गए।

  • भय का माहौल: भले ही भालू अब तक शांत बैठा दिखा हो, लेकिन रिहायशी बस्ती में जंगली जानवर की इतनी नजदीकी कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

🏫 आवासीय विद्यालय और सावन के मेले से बढ़ी संवेदनशीलता

कैलाश मंदिर का यह पूरा इलाका अत्यधिक चहल-पहल वाला केंद्र है:

  • स्कूली बच्चों की आवाजाही: पास ही एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित होने के कारण यहां दिनभर स्कूली बच्चों और हॉस्टल के छात्रों का आना-जाना रहता है।

  • श्रद्धालुओं की भीड़: सावन माह में जलाभिषेक हेतु तड़के सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है, जिससे किसी अप्रत्याशित हमले का खतरा बढ़ गया है।

🌲 वन विभाग की सख्त हिदायत: ‘भालू के करीब न जाएं, न दें भोजन’

वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है:

  • दूरी बनाए रखें: जंगली जानवर के पास जाकर सेल्फी लेने या उसे उकसाने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है।

  • प्राकृतिक व्यवहार में बदलाव: जंगली जानवरों को इंसानी भोजन देने से वे बस्तियों पर निर्भर हो जाते हैं, जिससे भविष्य में ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष’ का खतरा बढ़ जाता है।

  • विभागीय निगरानी: कुंवारपुर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर तैनात होकर भालू की हर गतिविधि पर नजर रख रही है और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ट्रैपिंग व रेस्क्यू की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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