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यूपी चुनाव 2027 से पहले भाजपा का बड़ा सियासी कदम, अमरपाल मौर्य बने राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष

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लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सामाजिक और जातीय समीकरणों को नए सिरे से साधने की दिशा में बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है।

पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य को भाजपा ओबीसी मोर्चे का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी जैसे प्रभावशाली गैर-यादव पिछड़ा वर्ग (OBC) समूहों में अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करने की सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं।

🔄 डॉ. के. लक्ष्मण की जगह यूपी के नेता को कमान, राज्य को मिला स्पष्ट सियासी संदेश

अब तक भाजपा राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चे की बागडोर तेलंगाना के वरिष्ठ नेता डॉ. के. लक्ष्मण के हाथों में थी, जो लंबे समय से इस मोर्चे का नेतृत्व कर रहे थे।

नए संगठनात्मक फेरबदल के तहत पार्टी ने अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश से आने वाले अमरपाल मौर्य को सौंपी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पूर्व राष्ट्रीय स्तर के ओबीसी मोर्चे की कमान उत्तर प्रदेश के नेता को सौंपना सीधे तौर पर यह संदेश देता है कि पार्टी का मुख्य ध्यान उत्तर प्रदेश के वृहद पिछड़े वोट बैंक को एकजुट रखने पर केंद्रित है।

🎯 2024 के झटके के बाद गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक पर भाजपा का विशेष फोकस

उत्तर प्रदेश में 2014 के लोकसभा, 2017 के विधानसभा, 2019 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को गैर-यादव ओबीसी समुदाय का एकमुश्त और व्यापक समर्थन हासिल हुआ था।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के मजबूत प्रदर्शन के कारण भाजपा को राज्य में नुकसान उठाना पड़ा था। इस राजनीतिक झटके के बाद से ही भाजपा निरंतर जमीनी स्तर पर अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरणों को दोबारा मजबूती देने की कवायद में जुटी हुई है।

🌟 केशव प्रसाद मौर्य के साथ अब अमरपाल मौर्य पर भी पार्टी ने खेला दांव

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लंबे समय से भाजपा के सबसे प्रमुख ओबीसी चेहरों में से एक रहे हैं।

अब पार्टी ने अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपकर मौर्य और कुशवाहा समाज के एक और सशक्त नेता को केंद्रीय मंच प्रदान किया है। अमरपाल मौर्य वर्तमान में उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं (जो 2024 में संसद के उच्च सदन में पहुंचे) और इससे पूर्व वे प्रदेश संगठन में लंबे समय तक प्रदेश महामंत्री के रूप में अपनी संगठनात्मक क्षमता साबित कर चुके हैं।

⚔️ सपा के ‘PDA’ फॉर्मूले की काट और 2027 के लिए मजबूत किलेबंदी

समाजवादी पार्टी जहां ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के जरिए पिछड़े और वंचित वर्गों को अपने पाले में लाने की आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है, वहीं भाजपा का यह निर्णय गैर-यादव ओबीसी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करने का सीधा प्रयास है।

अमरपाल मौर्य की यह ताजपोशी 2027 के चुनावी समर में भाजपा के सामाजिक गठबंधन को फिर से अभेद्य बनाने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के उद्देश्य से की गई है।

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