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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद: 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव करेंगे छात्र; सत्तापक्ष और विपक्ष में तकरार

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रांची (झारखंड): राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच सीबीआई (CBI) से कराने तथा पिछले 9 वर्षों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर राज्यभर के छात्र अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही आंदोलनकारी छात्रों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्रों के इस बड़े ऐलान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

🗣️ लोकतांत्रिक तरीके से बात रखने का अधिकार, पर छात्र दिग्भ्रमित न हों: झामुमो

झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि झारखंड में अपनी बात रखने और धरना-प्रदर्शन करने की पूरी स्वतंत्रता है, क्योंकि राज्य में एक संवेदनशील और लोकतांत्रिक सरकार कार्य कर रही है।

मनोज पांडे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत छात्रों को घेराव और प्रदर्शन का अधिकार है। हमारी सरकार छात्रों पर न तो लाठियां चलाती है और न ही पैलेट गन का उपयोग करती है। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि छात्र कोचिंग संचालकों के बहकावे में आकर दिग्भ्रमित न हों। छात्र मासूम हैं और उन्हें टकराव के बजाय सरकार के साथ संवाद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि बातचीत के जरिए ही हर गतिरोध का समाधान संभव है।

🏛️ छात्रों के आंदोलन को भाजपा का नैतिक समर्थन, सीबीआई जांच से क्यों डर रही सरकार: योगेंद्र प्रताप

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप ने आंदोलन को युवाओं के भविष्य की स्वतःस्फूर्त लड़ाई बताते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्ण नैतिक समर्थन देने की घोषणा की।

उन्होंने सरकार के इस दावे को खारिज किया कि 95 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों की सबसे प्रमुख मांग पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने की है, जिसे स्वीकार करने से सरकार बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरी है, तो हेमंत सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करने से क्यों कतरा रही है।

🤝 छात्र सरकार की मजबूरी समझें, जो संभव था वह किया गया: राजद

सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता यादव ने छात्रों से विवेकपूर्ण निर्णय लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार और गठबंधन दल पहले दिन से छात्रों की समस्याओं के प्रति गंभीर हैं और उनकी अधिकांश व्यावहारिक मांगों को स्वीकार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षित और समझदार हैं, इसलिए उन्हें सरकार की प्रशासनिक एवं वैधानिक सीमाओं को समझना चाहिए तथा ऐसी मांगों पर अड़े रहने से बचना चाहिए जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हैं।

🚩 छात्रों की मांगें मानने में सरकार न करे कंजूसी, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहे: भाकपा (माले)

सीपीआई (एमएल) के प्रदेश समिति सदस्य शुभेंदु सेन ने कहा कि छात्र अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।

उन्होंने माना कि छात्रों की कुछ मांगें पूरी हुई हैं, लेकिन शेष मांगों पर हेमंत सरकार को उदारता दिखानी चाहिए। शुभेंदु सेन ने कहा कि वर्तमान में विपक्षी दल और केंद्र सरकार राज्य की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में सरकार को तुरंत छात्रों की बाकी मांगें मानकर संवाद के जरिए आंदोलन समाप्त कराना चाहिए।

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