Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Congress Election Result: अभिषेक चौधरी को मिले सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट, राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक... Rajasthan Kinnar House Theft: पुरानी रंजिश की आशंका के तहत पुलिस कर रही जांच, अज्ञात आरोपियों की तला... Chimur Ashramshala Controversy: डैंड्रफ की समस्या के नाम पर छात्रों के साथ अजीब सलूक, वायरल तस्वीरों... BJP vs Shinde Sena: नागपुर में बीजेपी के सामने बागी पूर्व विधायक की चुनौती, सीटों के बंटवारे के बाद ... Ulhasnagar Mahayuti Crisis: महाराष्ट्र में महायुति में पड़ी फूट! बीजेपी ने शिंदे सेना से अलग होने का... CM Vishnu Deo Sai Singapore Visit: छत्तीसगढ़-सिंगापुर साझेदारी से खुलेंगे विकास के नए रास्ते, ग्रीन ... Chhattisgarh PMAY Success: छत्तीसगढ़ में बिना सरकारी खर्च के मिली 25,413 आवासों के लिए जमीन, केंद्र ... Kanker Divyang Camp: जगदलपुर में 7 अक्टूबर को लगेगा निःशुल्क दिव्यांग शिविर, कलेक्टर कुन्दन कुमार ने... Raipur Police Reshuffle: मुख्यमंत्री और राजभवन सुरक्षा में बदले गए अधिकारी, गृह विभाग ने जारी किया न... Sahibganj Murder Mystery Solved: साहिबगंज में गौरचंद्र बागती हत्याकांड का खुलासा, चचेरा भाई ही निकला...

सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सख्त आदेश! 10 से 6 बजे तक दफ्तर में नहीं मिले तो होगा तगड़ा एक्शन

25

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल स्थित वल्लभ भवन सहित अन्य शासकीय दफ्तरों में अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस निर्देश का पालन न करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जांच के लिए विभिन्न कार्यालयों में विशेष टीमें तैनात कर दी गई हैं. इन टीमों का उद्देश्य सरकारी कार्यों में देरी रोकना और जनता से जुड़े मामलों में तत्परता सुनिश्चित करना है.

डॉ. मोहन सरकार ने साफ किया है कि सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी. इसके तहत वल्लभ भवन, विंध्याचल, सतपुड़ा भवन तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति, आने-जाने के समय और अनधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी ली जाएगी.

जन कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समय पर काम करना अब अनिवार्य है, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.