Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

NGT Strict Orders: एनजीटी की बड़ी कार्रवाई: 217 क्रशरों की जांच रिपोर्ट तलब, प्रदूषण मानकों के उल्लंघन का मामला

20

217 स्टोन क्रशर इकाइयों की पर्यावरणीय अनुपालना को लेकर पहली सुनवाई में ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने सख्त रुख अपनाया। नई दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान अधिकरण ने संयुक्त समिति को चार सप्ताह में अंतिम रिपोर्ट दाखिल ने करने के आदेश दिए हैं। एनजीटी की प्रधान पीठ में यह मामला सुखदीप सिंह बनाम हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अन्य ने सुना। पीठ की न अध्यक्षता न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने की।

सदस्य डा. अफरोज अहमद र भी मौजूद रहे। मामला यमुनानगर में र स्टोन क्रशर इकाइ‌यों द्वारा पर्यावरणीय और साइटिंग मानकों के पालन से न जुड़ा है। रिपोर्ट में बताया किया कि 40 इकाइयां (प्लांट) मौके पर नहीं मिले, जबकि 50 को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंद किया न है। 127 प्लॉट चल रहे हैं। निरीक्षण में 51 प्लांट मौके पर गैर-संचालित में मिलीं, लेकिन सभी पर्यावरणीय मानकों पर विफल पाए गए। सभी 51 इकाइयां पर्यावरणीय मानको की अवेहलना करती मिली थीं।

17 फरवरी की प्रगति रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि समिति ने 51 इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय सभी इकाइयां गैर-संचालित मिली। इनमें से 11 इकाइयां पूर्व उल्लंघनों के कारण पहले ही बोर्ड द्वारा बंद की जा चुकी थीं।

ये खामी मिली मौके पर
अधिकांश क्रशरों में धूल नियंत्रण और पानी के छिड़काव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कई स्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण उपकरण बंद या कम क्षमता पर मिले। कचरा निपटान और श्रमिक सुरक्षा के प्रबंध अधूरे पाए गए। प्रत्येक स्टोन क्रशर परिसर में कम से कम 50 पानी के फव्वारे, दो कतारों में पौधारोपण, पक्का मार्ग, चारदीवारी और डिस्चार्ज प्वाइट पर पर्दे जैसी व्यवस्थाएं जरूरी है, लेकिन मौके पर व्यापक अनदेखी मिली थी। पर्यावरणविद डाक्टर केआर भारद्वाज का कहना है कि स्टोन क्रशर का राष्ट्रीय और राज्य मार्ग से कम से कम 500 मीटर, नगर निगम सीमा से दो किमी, नगरपालिका सीमा से एक किमी, अस्पताल से एक किलोमीटर और शिक्षण संस्थान व गांव की फिरनी से आधा किलोमीटर दूरी जरूरी है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.