Haryana News: रेडक्रॉस भवन के लिए शुरू हुई कवायद, वाइस चेयरमैन ने राज्यपाल से जगह मुहैया करवाने की मांग की
चंडीगढ़: सरकारी विभागों की तर्ज पर हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी का भी अपना रेडक्रॉस भवन होगा। हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष तथा राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष को वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने रेडक्रॉस भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पत्र लिखा है।
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी प्रदेशभर में रक्तदान, जनसेवा और राहत एवं आपदा कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सोसायटी के कार्यों में लगातार विस्तार हो रहा है। लिहाजा, विस्तार को देखते हुए सोसायटी ने अपना रेडक्रॉस भवन बनाने को लेकर राज्यपाल को मांग पत्र भेजा है। वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी की ओर से पत्र में उल्लेख किया गया है कि हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी मानवीय सहायता में अग्रणी संस्था है, ऐसे में सोसायटी के विस्तार और बेहतर संचालन के लिए रेडक्रॉस भवन की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि रेडक्रॉस भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि आवंटित की जाए, ताकि भविष्य की योजनाओं और सेवाओं को एक केंद्रीकृत ढांचे में संचालित किया जा सके। राज्यपाल को लिखे पत्र में वाइस चेयरमैन ने यह भी उल्लेख किया है कि रेडक्रॉस का अपना भवन बनने से प्रशासनिक कार्यों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रक्तदान शिविरों, आपदा प्रबंधन समन्वय और सामाजिक कल्याण योजनाओं को एक ही परिसर में व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकेगा। इससे कार्यकुशलता में वृद्धि होगी।
बता दें कि फिलहाल, हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी का प्रदेश मुख्यालय सेक्टर-16 चंडीगढ़ से संचालित हो रहा है। पंजाब-हरियाणा बंटवार में तय किए 60-40 के रेसो पर आधारित भवन में मुख्यालय का कामकाज चल रहा है। हालांकि, यह स्टाफ के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके साथ ही स्टोर, जिलों को भेजे जाने वाली राहत सामग्री व अन्य सामान को रखने की भी जगह नहीं है। लिहाजा, इन तमाम परेशानियों को देखते हुए वाइस चेयरमैन की ओर से राज्यपाल को नए भवन के लिए जगह मुहैया करवाने को लेकर पत्र लिखा गया है।
आपदा मित्र योजना को मिलेगी गति
हरियाणा रेडक्रॉस सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी का कहना है कि रेडक्रॉस की ओर से आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए आपदा मित्र तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, हर जिले में वालंटियर जोड़ने के साथ सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता भी बढ़ाई जा रही है। रेडक्रॉस का अपना भवन होने से वाईआरसी, जेआरसी और गतिविधियों का संचालन आसनी से किया जा सकेगा। इसके साथ ही, रेडक्रॉस भवन में ब्लड बैंक भी स्थापित किया जा सकेगा, क्योंकि चंडीगढ़ में पीजीआई और ट्राईसिटी में बड़े अस्पताल होने के चलते ब्लड की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।
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