Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

धान खरीदी केंद्र में पूर्व विधायक का डेरा: सिस्टम पर उठाए सवाल, वर्तमान विधायक ने कसा तंज- “अब पता चली किसानों की मुश्किल?”

17

बालोद : कहते हैं राजनीति में कौन कब करवट बदले ये कोई नहीं जानता. बालोद जिले के एक धान खरीदी केंद्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई,जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है. जिस विधानसभा क्षेत्र पर कभी कुमारी बाई साहू और उनके पति स्वर्गीय मदन लाल साहू का दबदबा हुआ करता था, आज उसी क्षेत्र की मंडी में पूर्व विधायक को एक अदद ‘टोकन’ के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा. 278 क्विंटल धान बेचने की जद्दोजहद में पूर्व विधायक अपने बेटे के साथ देर रात तक केंद्र में बैठी रहीं.

कलेक्टर से आस, व्यवस्था से निराशा

वरिष्ठ बीजेपी नेता कुमारी बाई साहू के बेटे नरेश मदन साहू, जो खुद जनपद पंचायत गुरूर में कृषि विभाग के सभापति हैं, उनकी बेचैनी साफ झलक रही थी. उन्होंने बताया कि अब तक उनका टोकन नहीं कट सका है.इतना सारा धान (278 क्विंटल) हम कहां ले जाएंगे?. थोड़ा बहुत होता तो छोड़ भी देते, लेकिन अब केवल कलेक्टर ही हमारा धान खरीद सकते हैं. उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक समाधान नहीं होगा, वे वहां से नहीं उठेंगे.

‘जब हम लड़ रहे थे, तब कहां थे भाजपाई?’

इस पूरे मामले में सियासत की एंट्री तब हुई जब संजारी बालोद की वर्तमान कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने मोर्चा संभाला.उन्होंने पूर्व विधायक की इस स्थिति पर सहानुभूति जताने के बजाय तीखा हमला बोला.

“जब हम किसानों के हक के लिए सड़कों पर लाठियां खा रहे थे और संघर्ष कर रहे थे, तब भाजपा का एक भी नेता नजर नहीं आया. आज जब खुद का धान फंस गया है, तो ये सहानुभूति बटोरने के लिए केंद्र में जाकर बैठ गए हैं.आज आखिरी दिन बीजेपी के लोग सिर्फ दिखावा कर रहे हैं “- संगीता सिन्हा,कांग्रेस विधायक

आम किसान के धान का होगा क्या ?

जिले में धान खरीदी को लेकर पहले ही घमासान मचा हुआ है. ‘रकबा समर्पण’ और तकनीकी खामियों के कारण सैकड़ों किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं. कांग्रेस विधायक ने सवाल उठाया कि आखिर इन सब चीजों का जिम्मेदार कौन है?. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि एक पूर्व विधायक और सत्ता पक्ष के जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को मंडी में रात गुजारनी पड़ रही है, तो आम किसान की सुनवाई किस स्तर पर हो रही होगी?.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.